Stay away from MRF shares costlier than Rs 1 lakh, can cause loss: आज देश में किसी भी शेयर का रेट पहली बार 1 लाख रुपये के स्तर के पार गया है। ऐसे में अब यह जानना जरूरी है कि 1 लाख रुपये के स्तर पर एमआरएफ के शेयर में निवेश किया जाए या नहीं।
जानकारों की राय में इस वक्त एमआरएफ के शेयर से दूर रहने में भलाई है। इन लोगों के अनुसार यह शेयर काफी तेजी से ऊपर आ गया है। ऐसे में इस शेयर में पहले थोड़ा इंतजार किया जाए फिर निवेश की रणनीति बनाई जाए।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, एमआरएफ के स्टॉक में केवल एक बाय कॉल है। वहीं दो ब्रोकरेज ने होल्ड की सलाह दी है। इसेक अलावा 8 ब्रोकरेज ने एमआरएफ में सेल की सलाह दी है। एमआरएफ के स्टॉक पर 12 महीने का टारगेट प्राइज 84,047 रुपये बताया गया है। यह टारगेट प्राइस मौजूदा रेट से करीब 16 प्रतिशत की गिरावट का संकेत देता है।
अधिकांश विश्लेषकों ने एमआरएफ के शेयर पर 1 लाख रुपये के स्तर पर बिक्री की सलाह दी है। इन जारकारों का मानना है कि यह शेयर काफी हाई वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। इसलिए इस वक्त इसमें बिक्री करना सही फैसला होगा। एमआरएफ के शेयर इस वक्त प्राइस टू अर्निग रेशिया 55x है। यह काफी महंगा बना देता है। यह एक टायर कंपनी के शेयर के लिए काफी ज्यादा वैल्यूएशन है।
जहां तक रिटर्न की बात है तो एमआरएफ के शेयर ने 1 हफ्ते में करीब 3.30 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं एक माह में यह रिटर्न करीब 3.25 प्रतिशत रहा है। जहां तक 3 माह के रिटर्न की बात है तो इस शेयर ने 20.17 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
एमआरएफ का शेयर इस साल 1 जनवरी 2023 से लेकर अभी तक 12.76 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है। वहीं एक साल में यह शेयर 45.61 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है। इस शेयर ने 3 साल में करीब 56.65 फीसदी का रिटर्न दिया है।
एमआरएफ के शेयर की 99,689.90 रुपये के रेट पर मार्केट कैप करीब 42,279.91 करोड़ रुपये है। जहां तक डेट टू इक्विटी रेशियों की बात है तो यह 0.17 प्रतिशत का है।
दूसरा सबसे महंगा शेयर है हनीवेल ऑटोमेशन
जहां तक भारत में एमआरएफ के बाद सबसे महंगे शेयर की बात है तो वह हनीवेल ऑटोमेशन का शेयर है। हनीवेल ऑटोमेशन शेयर की कीमत आज 41,152 रुपये है। वहीं इसके बाद पेज इंडस्ट्रीज, श्री सीमेंट, 3 एम इंडिया, एबोट इंडिया, नेस्ले और बॉश का नंबर आता है।
विकिपीडिया के अनुसार एमआरएफ लिमिटेड एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कम्पनी है। यह भारत में टायर का सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी है। जहां तक दुनिया में स्थान की बात है तो इसका नंबर 14वां होता है। एमआरएफ का मुख्यालय चेन्नई में है। कंपनी टायर, धागे, ट्यूब और कन्वेयर बेल्ट, पेंट और खिलौने सहित कई रबर उत्पादों का निर्माण करती है। एमआरएफ मोटर स्पोर्ट में एमआरएफ चैलेंज, चेन्नई और एमआरएफ पेस फाउंडेशन भी चलाता है।


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