PPF, सुकन्या और NSC: 1 अक्टूबर से बदलेंगी ब्याज दरें? निवेश से पहले जानें ये जरूरी बातें

केंद्र सरकार अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (छोटी बचत योजनाओं) की नई ब्याज दरों का ऐलान बुधवार, 30 सितंबर को करने जा रही है। वित्त मंत्रालय दरों में किसी भी बदलाव की अधिसूचना जारी करेगा। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसी योजनाओं में देश के करोड़ों लोगों का पैसा जमा है, इसलिए इस फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं। आम तौर पर नई दरों का ऐलान तिमाही के आखिरी कामकाजी दिन ही होता है। ऐसे में बचत करने वालों को ब्याज दरों के जोखिम को समझते हुए अपने निवेश का फैसला सही वक्त पर कर लेना चाहिए।

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समीक्षा हर तिमाही होती है, जो हालिया सरकारी बॉन्ड यील्ड से जुड़े एक फॉर्मूले पर आधारित होती है। अलग-अलग योजनाओं के हिसाब से इस फॉर्मूले में अतिरिक्त स्प्रेड (फायदा) जोड़ा जाता है। जैसे पीपीएफ और एनएससी के लिए 25 बेसिस प्वाइंट्स का स्प्रेड है, सुकन्या समृद्धि योजना के लिए 75 और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम के लिए 100 बेसिस प्वाइंट्स का स्प्रेड तय है। वहीं मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर 25 बेसिस प्वाइंट्स का स्प्रेड मिलता है। हालांकि, सरकार चाहे तो इस फॉर्मूले से थोड़ा अलग हटकर भी फैसला ले सकती है।

Small Savings Schemes Interest Rates Oct-Dec 2026: PPF, SSY, NSC Updates and Investment Strategy

स्मॉल सेविंग्स रेट्स: मौजूदा स्थिति और सरकारी बॉन्ड से क्या मिल रहे संकेत

जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने सभी योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। नीचे दी गई तालिका में मौजूदा दरों की पूरी जानकारी है। सितंबर में 10 साल वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब 7 फीसदी के आसपास बनी हुई है, जबकि 5 साल वाले बॉन्ड की यील्ड इससे थोड़ी कम है। हालांकि फॉर्मूले के हिसाब से दरों में मामूली फेरबदल की गुंजाइश दिखती है, लेकिन सरकार ने पिछली कई तिमाहियों से दरों को स्थिर रखा है।

PPF, SSY और NSC: 1 अक्टूबर से पहले निपटा लें ये जरूरी काम

अगर आप अपने रिटर्न को लेकर पूरी तरह बेफिक्र रहना चाहते हैं, तो 1 अक्टूबर से पहले फिक्स्ड-रेट वाली योजनाओं में पैसा लगा दें। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, किसान विकास पत्र, मंथली इनकम स्कीम और टाइम डिपॉजिट में जो ब्याज दर बुकिंग के समय तय होगी, वही पूरी अवधि तक मिलती रहेगी। वहीं, अगर आपको दरें बढ़ने की उम्मीद है, तो फिर 1 अक्टूबर के बाद ही पैसा जमा करें। जहां तक पीपीएफ का सवाल है, तो अक्टूबर महीने का पूरा ब्याज पाने के लिए 5 अक्टूबर तक पैसा जमा करना न भूलें।

Section 80C के तहत टैक्स बचत: PPF/SSY या NSC, किसमें पैसा डालना रहेगा फायदेमंद

लंबे समय के निवेश लक्ष्य वाले परिवारों को सेक्शन 80C के तहत टैक्स बचाने के लिए पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना को पहली तरजीह देनी चाहिए। इनसे मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पक्की टैक्स छूट और थोड़ा लिक्विडिटी ऑप्शन चाहने वाले निवेशक एनएससी लेडरिंग पर विचार कर सकते हैं। ध्यान रखें कि एनएससी का संचित ब्याज टैक्स के दायरे में आता है, हालांकि पहले से चौथे साल तक का ब्याज री-इन्वेस्टेड माना जाता है और इस पर भी सेक्शन 80C का फायदा मिलता है।

छोटी बचत योजनाएं: टैक्स के नियम और नॉमिनेशन से जुड़ी जरूरी बातें

पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री है, जबकि एनएससी और मंथली इनकम स्कीम का ब्याज आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होता है। अपने इन्वेस्टमेंट रिकॉर्ड्स को फॉर्म 26AS और AIS से जरूर मिला लें। किसी भी तरह की अड़चन से बचने के लिए पोस्ट ऑफिस खातों में नॉमिनी का नाम और केवाईसी तुरंत अपडेट रखें। और हां, कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले 30 सितंबर को आने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से जरूर पढ़ लें।

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