Small Savings Scheme Interest Rate: भारत सरकार ने स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स यानी छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों को राहत दी है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए सरकार ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि जुलाई से सितंबर 2025 तक ये योजनाएं पहले की तरह ही ब्याज देती रहेंगी।

हर तिमाही होता है रिव्यू
सरकार इन योजनाओं की ब्याज दरों का रिव्यू हर तीन महीने में होता है। रिव्यू का मकसद बाजार की मौजूदा आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दरों को संतुलित करना होता है। लेकिन इस बार भी सरकार ने लगातार दूसरी तिमाही के लिए ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखने का फैसला किया है।
इन योजनाओं पर मिलेगा कितना ब्याज?
मनी9 की रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग योजनाओं पर इस तिमाही में भी पहले जैसा ही ब्याज मिलेगा। चलिए आपको बताते हैं, किस स्कीम में कितना ब्याज मिल रहा है:
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 8.2% सालाना ब्याज मिलेगा। यह योजना बेटी के भविष्य के लिए निवेश का अच्छा जरिया है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 7.1% सालाना ब्याज, टैक्स छूट भी मिलती है।
NSC में सेफ इनवेस्टमेंट का ऑप्शन, 7.7% सालाना ब्याज
किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% ब्याज दर, निवेश 115 महीनों में मैच्योर होगा।
मंथली इनकम स्कीम (MIS): हर महीने 7.4% ब्याज, खासकर पेंशनर्स के लिए फायदेमंद।
डाकघर सेविंग अकाउंट: 4% सालाना ब्याज, सबसे सरल और बेसिक सेविंग ऑप्शन।
7.1% ब्याज दर बरकरार, 3 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट
रेपो रेट में गिरावट के बावजूद क्यों नहीं घटी ब्याज दरें?
2025 की शुरुआत से लेकर जून तक भारतीय रिजर्व बैंक ने तीन बार रेपो रेट में कटौती की है। फरवरी और अप्रैल में 25-25 बेसिस पॉइंट और जून में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद कुल मिलाकर रेपो रेट में 1% की गिरावट हो चुकी है। इसके बाद बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरें घटा दी थीं। इसलिए यह संभावना थी कि सरकार भी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें घटा सकती है।
हालांकि सरकार ने ऐसा नहीं किया। जानकार मानते हैं कि चुनावी माहौल, ग्रामीण निवेशकों की निर्भरता और आम जनता को राहत देने की नीति के चलते दरें बरकरार रखी गई हैं।
निवेशकों के लिए यह क्या मतलब रखता है?
ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखना उन लोगों के लिए राहत है, जो सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता देते हैं। खासकर वरिष्ठ नागरिक, नौकरीपेशा वर्ग और घरेलू महिलाएं जो जोखिम लेने से बचते हैं, उनके लिए ये योजनाएं भरोसेमंद विकल्प हैं।
सरकार के द्वारा इन स्कीमों में इनवेस्टमेंट पर गारंटी मुहैया कराई जाती है, जिससे बाजार की उठापटक का असर नहीं होता। साथ ही कई योजनाएं जैसे PPF और SSY, टैक्स छूट भी देती हैं जो इन्हें और पसंदीदा बनाती हैं।


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