नई दिल्ली, सितंबर 7। किसी भी निवेश योजना के अपने फायदे होते हैं, चाहे वह छोटी अवधि के लिए हो या फिरलंबी अवधि के लिए। इसी तरह म्यूचुअल फंड के कई फायदे हैं। लोग रिस्क मैनेजमेंट के कारण आम तौर पर म्यूचुअल फंड में निवेश करने के इच्छुक होते हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम जोखिम वाला निवेश हो सकता है लेकिन डेब्ट स्कीम में जोखिम नही होता। म्यूचुअल फंड का रिटर्न आमतौर पर किसी भी अन्य निवेश योजना की तुलना में अधिक होता है। हम यहां आपको ऐसी ही स्कीम की जानकारी देंगे, जिन्होंने बीते 5 सालों में 3 लाख रु को 11 लाख रु बना दिया है।
मिला सालाना 25 फीसदी तक रिटर्न
इस समय भारत में ऐसी कई म्यूचुअल फंड स्कीमें उपलब्ध हैं, जिन्होंने पिछले 5 सालों में सालाना आधार पर 15 फीसदी से 25 फीसदी तक रिटर्न दिया है। इन्हीं स्कीमों में शामिल हैं पीजीआईएम इंडिया मिडकैप अपॉर्चुनिटी फंड, कोटक स्मालकैप फंड और मिरे एसेट्स इमर्जिंग ब्लूचिप फंड। आगे जानिए इन तीनों स्कीमों से निवेशकों को 5 साल में मिले रिटर्न की डिटेल।
पीजीआईएम इंडिया मिडकैप अपॉर्चुनिटी फंड
पीजीआईएम इंडिया मिडकैप अपॉर्चुनिटी फंड ने बीते 5 सालों में सालाना 25 फीसदी से भी अधिक रिटर्न दिया है। अगर किसी ने 5 सालों में लगातार हर महीने 5000 रु की एसआईपी की हो तो उसकी निवेश राशि हुई 3 लाख रु। 25 फीसदी से अधिक रिटर्न के हिसाब से निवेशकों की निवेश राशि हो गयी 11 लाख रु। इस स्कीम में वैसे आप कम से कम 1000 रु की भी एसआईपी कर सकते हैं।
कोटक स्मालकैप फंड
बात करें कोटक स्मालकैप फंड की, तो इसने पिछले 5 सालों में 23 फीसदी से भी ज्यादा सालाना रिटर्न दिया है। 5 सालों तक लगातार हर महीने 5000 रु की एसआईपी से कुल निवेश राशि होती है 3 लाख रु। 23 फीसदी से भी ज्यादा सालाना रिटर्न के हिसाब से निवेशकों को निवेश राशि हो गयी है 10.54 लाख रुपये। वैसे इस स्कीम में कम से कम 1000 रुपये की एसआईपी की जा सकती है।
मिरे एसेट्स इमर्जिंग ब्लूचिप फंड
मिरे एसेट्स इमर्जिंग ब्लूचिप के रिटर्न पर नजर डालें तो इस स्कीम का बीते 5 सालों का सालाना रिटर्न रहा है करीब 23 फीसदी। इतने रिटर्न से 5 साल में 5000 रु की मासिक एसआईपी से कुल 3 लाख रुपये की निवेश राशि इस समय 10.47 लाख रुपये हो गयी होगी।
म्यूचुअल फंड के फायदे
म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि निवेशक किसी भी समय निवेश किया गया पैसा निकाल सकता है। फिक्स्ड डिपॉज़िट के उलट म्यूचुअल फंड में काफी अधिक लिक्विडिटी होती है, लेकिन प्री-एग्जिट पेनल्टी और एग्जिट लोड जैसे फैक्टरों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। एक नौसिखिए निवेशक को इस बारे में अधिक जानकारी या जानकारी नहीं हो सकती है कि कैसे और कहाँ निवेश करना है। मगर म्यूचुअल फंड का प्रबंधन और संचालन विशेषज्ञ करते हैं। विशेषज्ञ निवेशकों से पैसे लेकर उसे निवेश करते हैं, जिससे निवेशकों को लाभ प्राप्त करने में मदद मिलती है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए निवेशकों को बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं है।
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