SIP Returns: म्यूचुअल फंड SIP (Systematic Investment Plan) आज के दौर में निवेश का सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका बन चुका है। लोग हर महीने थोड़ी रकम लगाकर अपने भविष्य के लिए फंड तैयार करना चाहते हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों से कई निवेशक इस बात से परेशान हैं कि उनकी SIP का रिटर्न उम्मीद के अनुसार नहीं आ रहा।

कुछ लोगों को तो निगेटिव रिटर्न भी देखने को मिला है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और क्या इसका मतलब यह है कि SIP अब फायदे का सौदा नहीं रही?
बाजार में उतार-चढ़ाव बना बड़ी वजह
पिछले एक साल में शेयर बाजार काफी अस्थिर रहा है। ग्लोबल इकॉनमी की धीमी रफ्तार, जियोपॉलिटिकल तनाव और ट्रेड वॉर जैसी वजहों से निवेश माहौल प्रभावित हुआ। जब बाजार में गिरावट आती है, तो इक्विटी आधारित फंड्स पर सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि कई SIP निवेशकों के पोर्टफोलियो ने उम्मीद के मुताबिक ग्रोथ नहीं दिखाई। हालांकि यह स्थिति अस्थायी होती है और लंबे समय में बाजार आमतौर पर अपनी स्पीड वापस पकड़ लेता है।
SIP को शॉर्ट टर्म नहीं, लॉन्ग टर्म निवेश मानें
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, SIP में सबसे बड़ी गलती यही होती है कि लोग इसे 1-2 साल का निवेश मान लेते हैं। जबकि इसका असली फायदा तब मिलता है जब आप इसे 5 साल या उससे ज्यादा समय तक जारी रखते हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी फंड का रिटर्न फिलहाल कमजोर दिख रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह फंड खराब है। जब बाजार सुधरेगा, तो वही यूनिट्स बेहतर रिटर्न देंगी। SIP की खासियत यही है कि यह औसत कीमत पर निवेश का मौका देती है, जिससे लंबे समय में मुनाफा बढ़ता है।
बार-बार फंड बदलने से बचें
कई निवेशक कम रिटर्न देखकर जल्दी फंड बदल देते हैं, जो नुकसानदायक साबित होता है। निवेश को समय देना जरूरी है। अगर किसी फंड का प्रदर्शन लगातार 3-4 साल कमजोर रहे, तब ही फंड बदलने पर विचार करें और किसी विशेषज्ञ की सलाह लें।
सीमित फंड्स में रखें निवेश
बहुत सारे फंड्स में पैसा बांटने से रिटर्न बिखर जाते हैं। बेहतर है कि आप 4-5 भरोसेमंद फंड्स में नियमित निवेश करें। इससे आपका पोर्टफोलियो बैलेंस रहेगा और ट्रैक करना भी आसान होगा।
बाजार गिरने पर SIP बंद न करें
जब बाजार नीचे जाता है, तब SIP रोक देना सबसे बड़ी गलती होती है। गिरावट के समय कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जो बाद में बाजार के चढ़ने पर ज्यादा फायदा देती हैं। इसलिए SIP को बीच में रोकने के बजाय लगातार जारी रखना ही समझदारी है।
SIP निवेश में धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार है। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश जारी रखते हैं, बाजार की गिरावट से नहीं घबराते और अपने पोर्टफोलियो को समय-समय पर जांचते हैं, तो अच्छा रिटर्न मिलना तय है। SIP से सफलता पाने का मंत्र है लंबा नजरिया, नियमित निवेश और सही प्लानिंग।


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