SIP: एसआईपी (SIP) को सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान भी कहा जाता है. एसआईपी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने का एक जरिया है. एसआईपी में आपको किसी भी बैंक के फंड या स्कीम से भी बेहतर रिटर्न मिल सकता है. चलिए आज जानते हैं की एसआईपी क्या है और ये कैसे काम करता है.

क्या है एसआईपी ?
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान(Systematic Investment Plan) म्यूचुअल फंड में निवेश करने का तरीका है. एसआईपी में आप एक निश्चित अवधि के लिए पैसे निवेश करते हैं. एसआईपी में निवेश किए गए पैसों को म्यूचुअल फंड के एक्सपर्ट द्वारा मार्केट में निवेश करते हैं. आपको अपने निवेश की रकम के बदले यूनिट दिए जाते हैं. इसलिए एसआईपी में मिलने वाला रिटर्न मार्केट पर निर्भर करता है.
कैसे काम करता है एसआईपी?
म्यूचुअल फंड के एसआईपी के जरिए आप एक नश्चित समय में पैसे देते रहते हैं. इसके अलावा आपको अपने पसंदीदा म्यूचुअल फंड में निवेश करना अवसर भी मिलता है. एसआईपी में आपको 1 महीने, 3 महीने और 6 महीने और 1 साल में से निवेश की अवधि तय करने मौका भी मिलता है.
एसआईपी में आप जो समय चुनते हैं, उस समय पैसे आपके बैंक अकाउंट से सीधे कट जाते हैं. इसलिए आपको इसमें पैसे निकालकर फिर भेजने की टेंशन भी नहीं रहती.
एसआईपी में आपको निवेश किए गए पैसों के बदले यूनिट दी जाती है. इसके अलावा निवेश करते समय कितनी यूनिट मिलेगी, वो उस समय के नेट असेट वैल्यू पर निर्भर करता है.
ऐसे कैलकुलेट होता है लाभ
मान लीजिए आपने जो म्यूचुअल फंड चुना है, उसके एक नेट एसेट वैल्यू की रकम 20 रुपये हैं. आपने उस मयूचुअल फंड में 1000 रुपये निवेश किए हैं, तो आपको 50 यूनिट्स मिलेंगे. अब जैसे-जैसे मार्केट ऊपर जाएगा, आपको मुनाफा होता रहेगा.
अब मान लीजिए आपके एक नेट असेट वैल्यू की रकम 20 रुपये से बढ़कर 35 रुपये हो गई है, तो आपको उस म्यूचुअल फंड के 50 यूनिट्स मे 1750 रुपये मिलेंगे. सरल भाषा में कहें तो आपने जो 50 म्यूचुअल फंड 1000 रुपये में लिया था. उसकी वैल्यू अब 1750 रुपये हो गई है.
इस तरह से म्यूचुअल फंड में लाभ मिलता है. अगर बाजार नीचे गिरता है, तो आपको यूनिट सस्ते में मिल जाती है. क्योंकि उस समय यूनिट की नेट असेट वैल्यू कम हो जाती है.
कभी भी निकाल सकते हैं पैसे
एसआईपी में मिलने वाली फ्लैक्सिबिलिटी इसे खास बनाती है. एसआईपी में आपको निवेश करने की अवधि और पैसे निकालने पर छूट मिलती है. ऐसी फ्लैक्सिबिलिटी आपको बैंक या किसी अन्य स्कीम में ऑफर नहीं की जाती है.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक म्यूचुअल फंड के एसआईपी में आपको निवेश की समय सीमा जैसे 1 महीने, 3 महीने और 6 महीने का ऑप्शन दिया जाता है. इसके अलावा आप जब चाहे अपने निवेश को pause भी कर सकते हैं. और जैसे ही आपके पास पैसे बने आप फिर से इसे कन्टीन्यू कर सकते हैं.
एसआईपी में बैंक एफडी या अन्य स्कीम की तरह लॉक-इन पीरियड की कोई झंझट नहीं होती. जिसका मतलब ये हैं कि आप जब चाहे अपनी एसआईपी से पैसा निकाल सकते हैं. इसके साथ ही एसआईपी में आप निवेश रकम को बढ़ा और घटा भी सकते हैं. एसआईपी में आपको टॉप-अप की सुविधा मिलती है.
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