अगर आप म्यूचुअल फंड में SIP के ज़रिए हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश कर रहे हैं, तो ये जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। SIP में एक भी किस्त मिस होना आपकी पूरी निवेश योजना को नुकसान पहुंचा सकता है। चलिए आपको बताते हैं.

SIP में तारीख क्यों होती है अहम?
SIP का मतलब है हर महीने एक तय तारीख को आपके खाते से एक तय रकम का ऑटोमैटिक डेबिट होना। अगर आपके खाते में उस तारीख तक पैसा नहीं है, तो किस्त नहीं कटती। उदाहरण के लिए अगर आपकी SIP 10 तारीख को कटती है, तो आपको 9 तारीख की शाम तक खाते में पैसा रखना जरूरी है।
फंड हाउस आमतौर पर सुबह या दोपहर के समय पैसे काटते हैं, इसलिए लेट होने से आपकी SIP फेल हो सकती है।
एक किस्त छूटने पर कितना असर?
मान लीजिए आप हर महीने 10,000 रुपए SIP में लगाते हैं और मान लें कि अगले 10 सालों तक औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलेगा।
अगर आपने सिर्फ एक बार 10,000 रुपए की SIP मिस की तो वो रकम 10 साल में बढ़कर लगभग 31,000 रुपए हो सकती थी। इसका मतलब सिर्फ 10,000 रुपए ही नहीं बल्कि 21,000 रुपए के संभावित फायदे से भी आप चूक सकते हैं।
अगर SIP की रकम 50,000 रुपए है, तो एक किस्त मिस करने से लगभग 1.55 लाख रुपए का संभावित नुकसान हो सकता है।
कंपाउंडिंग का फायदा कैसे रुकता है?
SIP में हर महीने का निवेश अगले महीनों के ब्याज पर असर डालता है। जब आप एक किस्त मिस करते हैं, तो उस पर मिलने वाला ब्याज भी रुक जाता है। इससे निवेश का 'कंपाउंडिंग इफेक्ट' टूट जाता है और आपका पैसा उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाता।
अगर SIP मिस हो जाए तो क्या होता है?
अधिकतर म्यूचुअल फंड कंपनियां 3 से 7 दिन का समय देती हैं ताकि आप खाते में पैसा जमा कर सकें। अगर फिर भी पैसा नहीं पहुंचा, तो SIP की उस महीने की किस्त फेल हो जाती है। कुछ मामलों में SIP बंद हो सकती है या आपको नोटिस भी मिल सकता है।
कैसे करें इस नुकसान से बचाव?
खाते में बैलेंस रखें: SIP डेट से पहले ही पैसे खाते में डाल दें, ताकि कोई चूक न हो।
तारीख बदलें: अगर मौजूदा तारीख ठीक नहीं बैठ रही, तो SIP की तारीख को बदलवा सकते हैं।
ऑटो-डेबिट की जांच करें: बैंक अकाउंट में ऑटो-डेबिट एक्टिव है या नहीं, समय-समय पर चेक करते रहें।
अलर्ट सेट करें: मोबाइल या कैलेंडर में रिमाइंडर लगाएं ताकि डेट न भूलें।


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