इंदौर में फर्जी सिम का बड़ा खेल: अचानक गायब हो जाए फोन का नेटवर्क तो तुरंत करें ये काम, वरना खाली हो जाएगा बैंक

इंदौर पुलिस ने एक बड़े फर्जी सिम नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे ने बैंक और यूपीआई (UPI) यूजर्स पर मंडराते ओटीपी (OTP) फ्रॉड के बढ़ते खतरे की पोल खोल दी है। जांच में सामने आया है कि 49 प्वाइंट-ऑफ-सेल (POS) एजेंटों की मिलीभगत से 151 फर्जी सिम जारी किए गए थे, जिनका कनेक्शन देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 212 वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों से मिला है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। यह पूरा खेल सिम-स्वैप (SIM-swap) और पोर्ट-आउट (port-out) के जरिए अंजाम दिया जा रहा था।

सिम-स्वैप (SIM-swap) फ्रॉड में ठग आपके मोबाइल नंबर का क्लोन बना लेते हैं या उसे पोर्ट करा लेते हैं। इसके बाद बैंक ओटीपी (OTP) और पासवर्ड रिसेट मैसेज सीधे उनके पास जाने लगते हैं। हालांकि, भारत में नया सिम लेने या रिप्लेस कराने के बाद 24 घंटे के लिए एसएमएस सेवाएं बंद रहने का नियम है, ताकि तुरंत कोई गलत फायदा न उठा सके। इसके अलावा, सिम बदलने के 7 दिनों तक पोर्टिंग पर भी रोक रहती है। इसके बावजूद जालसाज लोगों को अपनी बातों में फंसाकर (सोशल इंजीनियरिंग) और सिक्योरिटी की कमियों का फायदा उठाकर चूना लगा देते हैं। इसलिए, अगर आपके फोन का नेटवर्क अचानक गायब हो जाए, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

SIM Swap Fraud Alert: How to Protect Your Bank Account and UPI if Network Disappears

अचानक गायब हो जाए फोन का नेटवर्क? UPI और बैंक अकाउंट बचाने के लिए तुरंत करें ये काम

अगर आपके फोन का नेटवर्क बिना किसी वजह के अचानक चला जाए, तो एक-एक मिनट कीमती होता है। तुरंत किसी दूसरे फोन से अपने टेलीकॉम ऑपरेटर के जरिए अपना नंबर ब्लॉक करवाएं। इसके लिए जियो (Jio) के लॉस्ट-सिम सेल्फ-केयर, एयरटेल थैंक्स (Airtel Thanks) ऐप या वी (Vi) के ऑनलाइन ब्लॉक फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके फौरन बाद 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि बैंक खातों में पैसे फ्रीज कराए जा सकें। इसके अलावा, अपने ऐप में जाकर यूपीआई आईडी (UPI ID) को तुरंत डी-रजिस्टर या डिसेबल कर दें। अगर हैंडसेट चोरी हुआ है, तो संचार साथी (Sanchar Saathi) के CEIR पोर्टल पर जाकर उसका IMEI नंबर ब्लॉक कर दें।

सिम-स्वैप से बचने के असरदार तरीके: पोर्ट-आउट नियम, कॉल-फॉरवर्डिंग और अलर्ट

फोन की सेटिंग्स में जाकर अपने सिम पर 'SIM PIN' जरूर सेट करें—टेलीकॉम कंपनियों की गाइड में इसकी पूरी प्रक्रिया बताई गई है। फोन में कॉल फॉरवर्डिंग हमेशा बंद रखें, क्योंकि इससे ओटीपी (OTP) वाले कॉल किसी दूसरे नंबर पर डायवर्ट हो सकते हैं। इसे चेक और बंद करने के लिए ##21# डायल करें या अपने ऑपरेटर के ऐप का इस्तेमाल करें। कभी भी किसी के साथ पोर्टिंग कोड या कैंसिलेशन ओटीपी शेयर न करें। अगर गलती से पोर्टिंग रिक्वेस्ट चली गई है, तो 24 घंटे के भीतर उसे वापस ले लें। आपके नाम पर कितने अनजान सिम चालू हैं, इसे जांचने के लिए संचार साथी के TAFCOP पोर्टल पर नियमित रूप से चेक करते रहें। साथ ही, टेलीकॉम और यूपीआई ऐप में लॉगिन अलर्ट्स हमेशा ऑन रखें।

इंदौर में हुआ यह पर्दाफाश साफ दिखाता है कि ज्यादातर वित्तीय ठगी की शुरुआत फर्जी सिम और जालसाज रिटेल दुकानदारों की साठगांठ से होती है। ऐसे में 1930 नंबर को अपने फोन में सेव कर लें, साइबर क्राइम पोर्टल को बुकमार्क करें और अपने ऑपरेटर का सिम-ब्लॉक प्रोसेस समझकर रखें। आपकी सजगता और दूरसंचार विभाग (DoT) के कूल-ऑफ नियम मिलकर ठगों की गुंजाइश खत्म कर देते हैं। सबसे बड़ा बचाव आपकी खुद की मुस्तैदी है—जैसे ही फोन का सिग्नल गायब हो, तुरंत कदम उठाएं और अपना नंबर सुरक्षित करें।

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