नई दिल्ली। सोना तो लगातार ऊपर जा ही रहा है। लेकिन अब चांदी भी तेवर दिखा रही है। आज चांदी 55000 रुपये प्रति किलो का स्तर पार कर चुकी है। जानकारों का कहना है कि यह अभी और ऊपर जाएगी। मंगलवार यानी आज कारोबार के दौरान चांदी ने एमसीएक्स पर 55 हजार रुपये प्रति किलो का भाव पार किया और यह 55328 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। यह चांदी का करीब 7.5 साल का सबसे उच्चतम स्तर है। घरेलू ही नहीं इंटरनेशनल मार्केट में भी चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। जानकारों का कहना है कि दुनियाभर में चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड तेजी से बढ़ने लगी है। दूसरी तरफ देश में बेहतर मॉनसून ने उम्मीदें और बढ़ा दी हैं, इसके चलते ग्रामीण भारत में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है।
आइये जानते हैं कहां तक जा सकता है चांदी का रेट-
60,000 रुपये का स्तर छू सकती है चांदी
सराफा बाजार के जानकारों की राय है कि लॉकडाउन के दौरान दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियों तेजी से फिर शुरू हो गई हैं। इससे चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कोरोना संकट के बीच निवेशकों के लिए चांदी भी सेफ हैवन का दूसरा विकल्प बन रही है। बेहतर मॉनसून ने भी चांदी को लेकर उम्मीदें बढ़ाईं हैं। अच्छी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी बढ़ती है, जिससे चांदी की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में चांदी इस साल 60000 प्रति किलो का स्तर भी छू सकती है।
आंकड़ों के अनुसार चांदी अभी भी सस्ती
पिछले दिनों तेजी से गोल्ड और सिल्वर के रेश्यो में कुछ करेक्शन जरूर आया है, लेकिन अभी भी चांदी सस्ती है। मौजूदा समय में गोल्ड सिल्वर रेश्यो अभी भी 89 के आसपास है। जिसका मतलब है कि 1 औंस गोल्ड खरीदने के लिए 89 औंस चांदी चाहिए। साफ है कि सोने की तुलना में चांदी अभी भी बहुत ज्यादा सस्ती है। चांदी 1 जनवरी के आसपास 47666 रुपये प्रति किलो पर थी, जो अभी 55300 के आस पास आ गई है।
चांदी में निवेश से फायदा क्यों
-चांदी में निवेश को भी सेफ हैवन माना जाता है
-दुनियाभर में लॉकडाउन खुलने से अब चांदी की इंडस्ट्रियल मांग बढ़ी
-चांदी अभी भी उचित रेट पर
-लॉकडाउन के चलते सप्लाई में भी कमी आने से डिमांड बढ़ेगी
-देश में बेहतर मानसून से ग्रामीण डिमांड बढ़ेगी
-भारत में सोलर पावर पर हो रहा है बड़ा काम, जिसमें चांदी की बड़ी खपत ज्यादा


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