नई दिल्ली, मार्च 15। रुचि सोया भारत में खाद्य तेल की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। इसे 2019 में पतंजलि आयुर्वेद ने अधिग्रहित कर लिया था। रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से, मुख्य रूप से भारत में खाद्य तेलों, वनस्पति, बेकरी फैट्स और सोया फूड की मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री में लगी हुई है। यह सोया चंक्स, ग्रेन्यूल्स और सोया आटा उत्पाद भी पेश करती है। कंपनी कच्चे कपास सहित कृषि-वस्तुओं का निर्यात करती है। कंपनी का शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर 1 फरवरी 2020 को फिर से लिस्ट (री-लिस्ट) हुआ था। तब से इसके शेयर ने निवेशकों को भारी रिटर्न दिया है।
2 साल में मालामाल
रुचि सोचा का शेयर फरवरी 2020 में री-लिस्ट होने के बाद से भारी रिटर्न दे चुका है। बता दें कि 1 फरवरी 2020 को यह 21.55 रु पर था, जबकि आज यह 1087 रु पर बंद हुआ है। इस तरह 2 सालों अब तक कंपनी का शेयर 4958.24 फीसदी रिटर्न दे चुका है। यदि किसी ने तब इस कंपनी में केवल 1 लाख रु ही लगाए होते तो उनकी वैल्यू आज 50.58 लाख रु होती।
1 महीनों का रिटर्न
बीते एक महीने में देखें तो रुचि सोया का शेयर 882.90 रु से उछल कर 1087 रु पर पहुंच गया है। इससे निवेशकों को 23.46 फीसदी का रिटर्न मिला है। मतलब केवल एक ही महीने में निवेशकों को 1 लाख रु पर 23.5 हजार रु का फायदा हुआ। इस समय कंपनी की मार्केट कैपिटल 32,267.38 करोड़ रु। इसके 52 हफ्तों का शिखर 1,376.70 रु और निचला स्तर 629.15 रु रहा है।
5 दिन का रिटर्न
रुचि सोया का शेयर 5 दिन में 35.41 फीसदी उछल चुका है। वहीं 6 महीनों में इसका रिटर्न केवल 3.02 फीसदी रहा है, क्योंकि सितंबर 2021 से फरवरी तक इसमें 28 फीसदी से अधिक की गिरावट आ गयी थी। 2022 में अब तक ये शेयर 27.77 फीसदी रिटर्न दे चुका है। वहीं इसका एक साल का रिटर्न भी 55.13 फीसदी रहा है।
कंपनी के नतीजे
रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड को दिसंबर 2021 में समाप्त तिमाही में 234.07 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। इसका शुद्ध लाभ एक साल पहले की इसी तिमाही में 227.44 करोड़ रुपये रहा था। यानी कंपनी के मुनाफे में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं तिमाही में इसकी कुल इनकम 41 प्रतिशत बढ़कर 6,301.19 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4,475.59 करोड़ रुपये थी।
आगे क्या है कंपनी का प्लान
रुचि सोया ने अपने तिमाही पेश करने पर कहा था कि इसने कोविड-19 महामारी के बीच उत्पादों के विविध पोर्टफोलियो के साथ खुद को मजबूती से स्थापित किया है। इसने कहा था कि कंपनी न्यूट्रास्युटिकल उत्पादों के अपने मौजूदा उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने की योजना बना रही है। रुचि सोया के रुचि गोल्ड, महाकोश, सनरिच, न्यूट्रेला, रुचि स्टार और रुचि सनलाइट जैसे ब्रांडों के पोर्टफोलियो को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। रुचि सोया के पास भारत के नौ राज्यों में 39,000 से अधिक किसानों के साथ ताड़ के तेल की खेती के तहत 56,000 हेक्टेयर से अधिक है। कंपनी पवन ऊर्जा उत्पादन बिजनेस में भी लगी हुई है, जिसमें से 19 प्रतिशत का उपयोग कैप्टिव खपत के लिए किया जाता है।


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