अगर आपके पास सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019–20 सीरीज VI है, तो यह खबर आपके काम की है। इसमें से समय से पहले बाहर निकलने (अर्ली-एग्जिट) की विंडो कल यानी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को बंद हो रही है। रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज मिलने की तय तारीख यानी शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को रिडेम्पशन का पैसा प्रोसेस करेगा। अगर आप अगली विंडो का इंतजार करने के बजाय अगले हफ्ते कैश पाना चाहते हैं, तो तुरंत अप्लाई करें।
कौन कर सकता है रिडीम? इस किश्त को जारी हुए 5 साल पूरे हो चुके हैं, इसलिए इसका कोई भी बॉन्ड होल्डर प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के लिए आवेदन कर सकता है। आप अपनी बैंक शाखा, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) या फिर RBI रिटेल डायरेक्ट के जरिए अपनी अर्ली-रिडेम्पशन रिक्वेस्ट सबमिट कर सकते हैं। निवेशकों के लिए विंडो 21 अक्टूबर को बंद हो जाएगी; स्थानीय छुट्टियों की वजह से बैंक शाखाएं अपने आंतरिक कट-ऑफ का समय पहले भी रख सकती हैं। अगर यह मौका चूक गया, तो अगला मौका 30 अप्रैल 2027 को मिलेगा।

21 अक्टूबर तक SGB 2019–20 सीरीज VI रिडीम करने का तरीका
डिमैट अकाउंट होल्डर्स को अपने पैन (PAN), क्लाइंट आईडी, बैंक अकाउंट और सीरीज की पूरी जानकारी के साथ डीपी (DP) फॉर्म जमा करना होगा या ईमेल भेजना होगा। रिटेल डायरेक्ट यूजर्स को लॉग इन करने के बाद सर्विस रिक्वेस्ट डालनी होगी; आगे की प्रोसेसिंग पोर्टल पर ही होगी। वहीं, सर्टिफिकेट या BLA होल्डर्स अपनी मूल रिसीविंग ऑफिस के जरिए आवेदन कर सकते हैं या अपनी यूनिट्स को पहले रिटेल डायरेक्ट में शिफ्ट कर सकते हैं। अप्लाई करते समय ISIN IN0020190388 दर्ज करना न भूलें।
| विकल्प | पैसा मिलने का समय (लिक्विडिटी) | टैक्स के नियम (वित्त वर्ष 2026–27) |
|---|---|---|
| अभी प्री-मैच्योर रिडीम करें | 30 अक्टूबर 2026 को खाते में आएंगे पैसे | बजट 2026 के बाद अब व्यक्तिगत निवेशकों के लिए कैपिटल गेन्स टैक्स के दायरे में |
| मैच्योरिटी तक होल्ड करें | फाइनल रिडेम्पशन 30 अक्टूबर 2027 को होगा | टैक्स छूट सिर्फ उन मूल सब्सक्राइबर्स को मिलेगी जो इसे मैच्योरिटी तक रखेंगे |
| एक्सचेंज पर बेचें | किसी भी ट्रेडिंग दिन (कीमतों में बदलाव संभव) | कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा; लिस्टेड सिक्योरिटीज के नियम लागू होंगे |
टैक्स के नियम और सही फैसला लेने की गाइड
बॉन्ड पर मिलने वाले 2.50 प्रतिशत सालाना ब्याज पर पहले की तरह टैक्स लगता रहेगा। 1 अप्रैल 2026 से, कैपिटल गेन्स टैक्स में मिलने वाली छूट सिर्फ उन्हीं बॉन्ड्स तक सीमित कर दी गई है जिन्हें इश्यू के वक्त सब्सक्राइब किया गया था और मैच्योरिटी तक होल्ड रखा गया हो। अर्ली-रिडेम्पशन चुनने वालों या सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदने वालों को कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा। RBI रिडेम्पशन की कीमत तय करने के लिए IBJA 999-गोल्ड के 3 दिनों के औसत भाव का इस्तेमाल करता है। इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले टैक्स, सोने के दामों का रुझान और अपनी पैसों की जरूरत को अच्छी तरह समझ लें।
काम की टिप्स: बैंक शाखाओं के कट-ऑफ समय की झंझट से बचने के लिए एक दिन पहले ही आवेदन कर दें। अपने पास पैन, क्लाइंट आईडी, बैंक डिटेल्स और किश्त या ISIN नंबर तैयार रखें। अगर कोई उलझन हो, तो अपने DP या रिटेल डायरेक्ट हेल्पडेस्क से कंफर्म कर लें कि रिक्वेस्ट स्वीकार हुई या नहीं। काम की तारीखें याद रखें—आवेदन के लिए 21 अक्टूबर और पैसे मिलने के लिए 30 अक्टूबर। अंतिम कीमत और रिटर्न सोने के भाव व आरबीआई के नोटिफिकेशन पर निर्भर करेंगे।


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