सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019-20 सीरीज I से समय से पहले बाहर निकलने यानी प्री-मैच्योर एग्जिट की सुविधा 9 नवंबर 2026 से शुरू हो रही है। अगर आप इस विंडो के जरिए अपने बॉन्ड रिडीम कराना चाहते हैं, तो आपको 1 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। इसके बाद 11 दिसंबर को रिडेम्पशन का पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगा। 5 साल का लॉक-इन पीरियड पूरा होने के कारण केवल इसी किश्त के निवेशक इसके लिए योग्य हैं। बॉन्ड का रिडेम्पशन तय कूपन डेट पर ही किया जाता है। अगर आप यह मौका गंवा देते हैं, तो फिर अगली कूपन साइकिल तक इंतजार करना होगा।
आरबीआई (RBI) रिडेम्पशन की कीमत 999 शुद्धता वाले सोने के तीन दिनों के IBJA औसत भाव के आधार पर तय करता है। इसके लिए 11 दिसंबर से ठीक पहले के तीन कामकाजी दिनों के क्लोजिंग प्राइस का इस्तेमाल किया जाता है। आप अपने बैंक या डाकघर के जरिए रिडेम्पशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। डिमैट खाताधारकों को अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) के जरिए आवेदन करना होगा, जबकि रिटेल डायरेक्ट यूजर्स ऑनलाइन भी रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। रिडेम्पशन की तारीख तक बॉन्ड पर 2.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलता रहेगा।

SGB 2019–20 सीरीज I का रिडेम्पशन: जानें आवेदन का तरीका और जरूरी दस्तावेज
अगर आप बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए आवेदन कर रहे हैं, तो अपना होल्डिंग सर्टिफिकेट या अकनॉलेजमेंट, पैन कार्ड और एक कैंसिल्ड चेक साथ रखें। वहां जाकर SGB प्री-मैच्योर रिडेम्पशन फॉर्म भरें और समय रहते जमा कर दें। डिमैट होल्डर्स को अपने DP के पास सर्विस टिकट रेज करनी होगी। ध्यान रखें कि बॉन्ड पर कोई गिरवी (प्लेज) या लियन न लगा हो और बैंक मैन्डेट बिल्कुल सही हो। रिटेल डायरेक्ट यूजर्स पोर्टल पर लॉगिन करके संबंधित ट्रेंच चुनें और अपनी रिक्वेस्ट सबमिट कर दें। रिसीविंग ऑफिस कुछ दिनों के लिए सेवाएं रोक भी सकते हैं, इसलिए ऐन वक्त के रिजेक्शन से बचने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करें।
SGB पर टैक्स के नियम: 2026 में क्या-क्या बदला?
1 अप्रैल 2026 से कैपिटल गेन्स टैक्स छूट के दायरे को सीमित कर दिया गया है। अब यह छूट केवल उन्हीं ओरिजिनल इन्वेस्टर्स को मिलेगी जो बॉन्ड को पूरे 8 साल की मैच्योरिटी तक होल्ड करके रखते हैं। 5 साल बाद प्री-मैच्योर रिडेम्पशन करने पर मिलने वाला मुनाफा कैपिटल गेन्स के तहत टैक्स योग्य होगा। वहीं, हर छह महीने में मिलने वाला 2.5 फीसदी का ब्याज आपकी टैक्स स्लैब के मुताबिक पूरी तरह टैक्स योग्य रहेगा। आमतौर पर इस ब्याज पर TDS नहीं काटा जाता, इसलिए अपनी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में इसकी सही जानकारी दर्ज करें।
आवेदन करने से पहले अपना नाम, पैन नंबर और बैंक खाता डिटेल्स इश्यूअर के रिकॉर्ड से जरूर मिला लें। अगर बैंक अकाउंट बदला है, तो उसे तुरंत अपडेट कराएं, वर्ना पैसा बाउंस हो सकता है और प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ेगी। डिमैट धारक प्लेज हटवा लें और नॉमिनी डिटेल्स भी जांच लें। वीकेंड या छुट्टी की वजह से होने वाली देरी से बचने के लिए कुछ दिन पहले ही रिक्वेस्ट प्रोसेस कर दें। अगर आप इस बार आवेदन नहीं कर पाते हैं, तो अगला एग्जिट विंडो अगले साल जून जैसी कूपन तारीखों पर फिर खुलेगा।


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