नयी दिल्ली। 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रमुख निवेश विकल्पों में से एक वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) है। रिटायरमेंट के बाद आमतौर पर लोग अपने निवेश को सुरक्षित रखने के तरीके तलाश करते हैं, जिससे उन्हें बहुत कम रिटर्न मिलता है। मगर फिर इस मामले में एससीएसएस फिर भी एक अच्छा ऑप्शन है। एससीएसएस बैंक एफडी, पीएमवीवीवाई और पोस्ट ऑफिस एफडी की तरह ही एक कम जोखिम वाली योजना है। पर इसे बैंक एफडी के मुकाबले ज्यादा बेहतर कहा जा सकता है, क्योंकि यहां रिटर्न अच्छा है और सरकारी सुरक्षा भी है। एससीएसएस की अवधि 5 साल है और इसे 3 वर्षों तक बढ़ा सकते हैं। अगर आपका इरादा एससीएसएस में निवेश का है तो उससे पहले 5 जरूरी बातें जान लीजिए, जो आपके काम आएंगी।
कौन खोल सकता है एससीएसएस अकाउंट
एससीएसएस अकाउंट 60 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति खोल सकता है। मगर एक ऐसा व्यक्ति, जिसकी आयु 55 वर्ष से अधिक लेकिन 60 वर्ष से कम है, और वो सेवा निवर्तन (Superannuation) या वीआरएस के तहत रिटायर हुआ है उसे भी एससीएसएस खाता खोलने की सुविधा मिलती है।
कितना है ब्याज
31 मार्च की तिमाही के बाद 30 सितंबर और 31 दिसंबर को खत्म होना वाली तिमाही पर भी एससीएसएस पर सालाना 8.6 प्रतिशत की दर से ब्याज दर मिलेगी। आपको पोस्ट ऑफिस के अपने बचत खाते में ऑटोमैटेड रूप से एससीएसएस का ब्याज मिलेगा। आप ब्याज का पैसा पीडीसी या मनी ऑर्डर के माध्यम से निकाल सकते हैं।
कम से कम जमा राशि कितनी
एससीएसएस खाता खोलने के लिए कम से कम राशि और अधिकतम बैलेंस राशि क्रमशः 1,000 रुपये और 15 लाख रुपये तय की गई है। खाता खोलने के समय या खाता खोलने के बाद भी कोई खाताधारक एक नॉमिनी चुन सकता है।
मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने की सुविधा
आप समय से पहले एससीएसएस खाते को बंद कर सकते हैं। लेकिन यदि आपने 1 वर्ष के अंदर ऐसा तो जमा राशि से 5 प्रतिशत जुर्माना काटा जाएगा और 2 साल के बाद पैसा निकालने पर 1 प्रतिशत जमा राशि काटी जाएगी। यदि ब्याज राशि किसी वित्त वर्ष में 10,000 रुपये से अधिक है तो ब्याज में से टीडीएस भी घटाया जाएगा। हालांकि इस योजना में निवेश करने वालों को इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट मिलता है।
1 से ज्यादा खातों की सुविधा
निवेशक अपने जीवनसाथी, अकेले या जॉइंट रूप से एक साथ एक से अधिक खातों का प्रबंधन कर सकते हैं। याद रखें कि जीवनसाथी के साथ संयुक्त खाता खोलना संभव है और निवेशक संयुक्त खाते में प्राथमिक जमाकर्ता होता है। इन खातों को एक डाकघर से दूसरे भारत में ट्रांसफर करना भी संभव है।
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