Senior Citizen Saving Scheme vs Bank FD:: हमारे देश में हर वर्ग के लोगों के लिए अलग-अलग तरह की स्कीम हैं जिसमें निवेश करके लोंग अच्छे पैसे बना सकते हैं। आम तौर पर अन्य निवेशकों की तुलना में बैंक एफडी पर थोड़ी बेहतर ब्याज दर मिलती है।
इसी तरह, सरकार के पास वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस) जैसे विशेष स्कीम भी है।

एफडी और एससीएसएस दोनों में कुछ सामान्य विशेषताएं हैं, जैसे एक निश्चित अवधि के लिए आपको पैसा निवेश करना होता है। हालाँकि, उनमें कुछ अंतर और दोनों के अलग-अलग प्रकार के लाभ भी हैं।
एफडी में निवेश करने का फायदा
अगर आप बुजुर्ग हैं तो हो सकता है कि आप फिक्स्ड डिपॉजिट को ज्यादा वैल्यू दें क्योंकि इसमें पैसे सुरक्षित रहते के साथ-साथ रिटर्न भी अच्छा मिलता है।
सिर्फ यही नहीं, इसमें टैक्स सेविंग भी होती है। वहीं अगर आप दो या तीन साल के लिए इसमेंं निवेश करते हैं तो एफडी आपके लिए बेस्ट ऑप्शन में से एक माना जाता है।
1 साल के लिए अगर आप पोस्ट ऑफिस में एफडी खोलते हैं तो सालाना 6.9 प्रतिशत ब्याज आपको मिलेगा लेकिन वहीं अगर आप इस पैसे को तीन साल के लिए निवेश करते हैं तो ब्याज दर 6.9 फीसदी हो जाएगा। 5 साल की एफडी की बात करें तो इसमें आपको 7.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा।
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश करने के फायदे
आपको बता दें कि यह भी एक अच्छी निवेश स्कीम है जिसमें 8.2 फीसदी का तगड़ा ब्याज मिलता है। इसमें आप 1 हजार से 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं।
इसमें निवेश किया गया पैसा पांच साल बाद मैच्योर होता है और अगर आप इस स्कीम में 5 साल के लिए 10 लाख रुपए निवेश करते हैं तो कुल 14.28 लाख रुपए आपको मिलेंगे। इसमें 1.5 लाख रुपए के निवेश पर टैक्स छूट भी मिलती है।
यदि आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है तो आप एससीएसएस खाता खोल सकते हैं। वहीं अगर आपकी आयु 55 से 60 वर्ष के बीच के सेवानिवृत्त नागरिक कर्मचारी भी एससीएसएस खाता खोल सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त करने के एक महीने के अंदर निवेश करना होगा।
वहीं, 50 से 60 वर्ष की आयु के सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारियों की भी यही आवश्यकता है कि उन्हें सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त करने के एक महीने के अंदर ही निवेश करना होगा।
आपको बता दें कि भारतीय आयकर अधिनियम के अनुसार, साल 1961 की धारा 80सी के तहत, आप सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की पांच साल की अवधि में 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।
वहीं, टैक्स बचत करने के लिए एफडी निवेशक जिनकी अवधि पांच साल या उससे अधिक है, आयकर कटौती के लिए पात्र होते हैं।
बात करें अगर सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की ब्याज दर को सरकार हर तिमाही के आधार पर तय करती है और खाते में क्रेडिट करती है।
इस स्कीम के तहत आप पैसों को कुल 5 साल के लिए निवेश कर सकते हैं। एफडी या फिर सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश करने से पहले आपको दोनों के बारे में ही पूरी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए और उसे बाद ही इसमें इंवेस्ट करना चाहिए।


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