नयी दिल्ली। अगर आप अपनी बेटी का भविष्य आर्थिक लिहाज से सुरक्षित और मजबूत बनाना चाहते हैं तो केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। केंद्र सरकार की इस योजना में निवेश करके आप अपनी बेटी के भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित कर सकते हैं। इस योजना से माता-पिता अपनी बेटी के भविष्य की शिक्षा और उसकी शादी के खर्च के लिए एक फंड बना सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत की थी। इस योजना के तहत भारतीय डाक या किसी अधिकृत कमर्शिल बैंक की शाखा में खाता खोला जा सकता है। आप अपनी बेटी के जन्म और 10 वर्ष की आयु के बीच कभी भी खाता खुलवा सकते हैं। आपको अपनी हर बेटी के लिए अधिकतम दो खाते खोल सकते हैं। इस योजना के और भी बहुत सारे फायदें हैं। जानते हैं सुकन्या समृद्धि योजना के खास फायदों के बारे में।
ऊँची ब्याज दर के साथ इनकम टैक्स से छूट
सुकन्या समृद्धि योजना एक छोटी बचत योजना है, जिस पर ऊँची ब्याज दर मिलती है। बल्कि यह छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक ब्याज वाली योजना है। वर्तमान में इस योजना में 8.4% की शानदार ब्याज दर है। हालाँकि वित्त वर्ष 2015-16 में यह दर 9.2% थी, मगर सरकार ने इसे कई बार बदला है। मौजूदा नियमों के मुताबिक आप इस योजना में न्यूनतम 250 रुपये के निवेश से खाता खुलवा सकते हैं, जबकि इसमें वार्षिक अधिकतम निवेश सीमा 1.5 लाख रुपये है। एक खास बात जो इस योजना को विशेष बनाती है वो है इनकम टैक्स से छूट। इस योजना में मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से कर मुक्त है।
मैच्योरिटी के बाद भी जमा रकम पर ब्याज
इस योजना में निवेश की मैच्योरिटी अवधि आपकी बेटी की 21 वर्ष की आयु होती है। मगर इस योजना में एक बड़ा लाभ है कि मैच्योर होने के बाद भी इस खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है, जो बाकी बचत योजनाओं में नहीं मिलता। आप यह ब्याज तब तक हासिल कर सकते हैं, जब तक इस खाते को बंद न किया जाये। सुकन्या समृद्धि योजना खाते से बेटी की 18 साल की उम्र के बाद उसकी उच्च शिक्षा के लिए आप खाते में से 50 फीसदी तक राशि निकाल सकते हैं। इस योजना के तहत खुलवाये गये खाते को पूरे देश में आसानी से ट्रांसफर करवाया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
किसी अनियमित खाते, जिसमें न्यूनतम राशि जमा नहीं की गई है, प्रति वर्ष 50 रुपये के जुर्माने के भुगतान पर चालू करवाया जा सकता है। इस खाते में आप नकद, चेक, डिमांड ड्राफ्ट आदि से पैसे जमा करवा सकते हैं। ध्यान रहे कि खाते में चेक या ड्राफ्ट से डाली गयी राशि खाते में क्लियर होने के बाद से उस पर ब्याज दिया जायेगा, जबकि ई-ट्रांसफर में डिपॉजिट के दिन से यह गणना शुरू कर दी जायेगी। खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में डेथ सर्टिफिकेट दिखाकर खाता बंद करवाया जा सकता है और खाते में जमा रकम का भुगतान बच्ची के अभिभावक को ब्याज सहित किया जाता है।
यह भी पढ़ें - कीमतें कम करने के लिए भारत करेगा 6090 टन प्याज का आयात


Click it and Unblock the Notifications