भारत में रियल एस्टेट मे निवेश की राह अब और आसान होने जा रही है। बाजार नियामक सेबी ने एक अहम बदलाव किया है, जिसके बाद म्यूचुअल फंड्स और स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) द्वारा रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) में लगाया गया पैसा अब इक्विटी की तरह माना जाएगा।

इस फैसले के बाद हाउस REITs में पहले से ज्यादा निवेश कर पाएंगे और आम निवेशकों को भी कम रकम में बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। यह नया नियम 31 अक्टूबर 2025 को जारी हुआ था और 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।
म्यूचुअल फंड्स को बढ़ेगी निवेश की आजादी
पहले REITs को इक्विटी कैटेगरी में नहीं रखा जाता था, जिसके कारण कई म्यूचुअल फंड स्कीमें इसमें लिमिटेड या बहुत कम निवेश कर पाती थीं। लेकिन अब जब REITs को शेयर जैसा दर्जा मिल गया है, फंड हाउस इनके यूनिट्स में जितना चाहें उतना पैसा लगा सकेंगे।
इससे दो बड़े फायदे होंगे-
फंड स्कीमें और विविध होंगी
निवेशकों को स्थिर और नियमित रिटर्न पाने का अवसर मिलेगा, क्योंकि REITs का मुख्य कमाई स्रोत किराया होता है।
छोटी रकम में बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स का हिस्सा
REITs की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेशक कम रकम लगाकर भी मॉल, ऑफिस टावर, बिजनेस पार्क जैसी प्रॉपर्टीज का हिस्सा बन जाते हैं। नई व्यवस्था के बाद आम निवेशकों के लिए यह रास्ता और खुल जाएगा। रियल एस्टेट में सीधे निवेश की तुलना में यहां न तो ज्यादा पूंजी चाहिए और न ही प्रॉपर्टी मैनेजमेंट की चिंता रहती है।
InvITs पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे
सेबी ने साफ किया है कि ये बदलाव सिर्फ REITs पर लागू होगा, जबकि सड़क, पुल या पावर प्रोजेक्ट्स जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर वाले InvITs अभी भी हाइब्रिड कैटेगरी में ही शामिल रहेंगे। यानी इनके निवेश नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पुराने डेट फंड में मौजूद REIT यूनिट्स को बेचने की जरूरत नहीं
31 दिसंबर 2025 तक जिन डेट फंड्स में REIT यूनिट्स हैं, उन्हें तुरंत बेचने की जरूरत नहीं है। सेबी ने फंड हाउसों से कहा है कि इन यूनिट्स को धीरे-धीरे शिफ्ट करें, ताकि मार्केट में किसी तरह का उतार-चढ़ाव न आए और निवेशकों को नुकसान न पहुंचे।
निवेशकों पर कोई दबाव नहीं
सेबी ने यह भी साफ किया है कि यह कोई ऐसा बदलाव नहीं है जिससे निवेशकों को स्कीम से बाहर निकलने का अधिकार या कोई अनिवार्य सहमति देनी पड़े। बस फंड हाउस अपने दस्तावेज़ों में एक छोटा सा अपडेट जोड़ेंगे कि REITs अब इक्विटी कैटेगरी में माने जाएंगे।
कुल मिलाकर क्या बदलने जा रहा है?
म्यूचुअल फंड्स अब REITs में ज्यादा निवेश कर सकेंगे
आम निवेशकों के लिए कम रकम में रियल एस्टेट से कमाई का मौका बढ़ेगा
स्थिर रेंटल इनकम पाने के अवसर बढ़ेंगे
REITs को अब शेयर जैसा दर्जा मिलेगा
रियल एस्टेट में निवेश पहले से आसान, सस्ता और सुरक्षित माना जाएगा
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