1 नवंबर 2026 से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के ऐप्स और वेबसाइट्स पर म्यूचुअल फंड का डायरेक्ट प्लान डिफ़ॉल्ट ऑप्शन के रूप में दिखेगा। हालांकि, निवेशक चाहें तो रेगुलर प्लान भी चुन सकेंगे, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को उनके ज्यादा एक्सपेंस रेशियो की जानकारी साफ-साफ देनी होगी। सेबी (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने इस बदलाव की घोषणा की है। यह नया नियम सिर्फ एएमसी के मालिकाना हक वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा, ब्रोकर या डिस्ट्रीब्यूटर ऐप्स पर नहीं।
निवेशकों के लिए बदलाव केवल इतना है कि एएमसी प्लेटफॉर्म्स पर अब पहला विकल्प डायरेक्ट प्लान का मिलेगा, लेकिन आपके मौजूदा पोर्टफोलियो पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। आपकी चालू एसआईपी (SIP) और रेगुलर प्लान की होल्डिंग्स अपने आप डायरेक्ट में तब्दील नहीं होंगी। थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स इस नियम के दायरे से बाहर हैं। अगर आप रेगुलर प्लान चुनते हैं, तो आपको उसके ज्यादा खर्च की सहमति देनी होगी।

डायरेक्ट बनाम रेगुलर प्लान: SIP में खर्च का अंतर और लंबा असर
डायरेक्ट प्लान में टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) कम होता है, क्योंकि इसमें डिस्ट्रीब्यूटर को कोई कमीशन नहीं देना पड़ता। अलग-अलग फंड कैटेगरी में यह अंतर आमतौर पर 0.5 से 0.8 फीसदी के बीच होता है और कई लाइव स्कीमों में यह अंतर साफ दिखाई देता है। हर साल का यह छोटा सा अंतर लंबे समय में आपकी एसआईपी के रिटर्न में बड़ा फर्क पैदा करता है। नीचे दिए गए उदाहरण में 0.75 प्रतिशत फीस के अंतर और फीस घटाने से पहले 12 प्रतिशत रिटर्न का अनुमान लगाया गया है। इसे केवल एक उदाहरण के रूप में समझें, यह कोई गारंटी नहीं है।
| मंथली SIP | अवधि | डायरेक्ट कॉर्पस | रेगुलर कॉर्पस | डायरेक्ट से अतिरिक्त फायदा |
|---|---|---|---|---|
| ₹5,000 | 10 साल | ₹10,76,353 | ₹10,34,333 | ₹42,020 |
| ₹10,000 | 10 साल | ₹21,52,706 | ₹20,68,666 | ₹84,040 |
| ₹5,000 | 20 साल | ₹42,02,106 | ₹38,41,596 | ₹3,60,511 |
| ₹10,000 | 20 साल | ₹84,04,213 | ₹76,83,191 | ₹7,21,022 |
टैक्स के जाल में फंसे बिना कैसे जांचें और बदलें अपना प्लान
अपना प्लान चेक करने के लिए कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) या AMC स्टेटमेंट खोलें और "Plan" सेक्शन देखें। अगर आप अपनी पुरानी रेगुलर होल्डिंग्स को डायरेक्ट में शिफ्ट करना चाहते हैं, तो इस 'स्विच' को रिडेम्प्शन (बिक्री) माना जाएगा, जिस पर होल्डिंग अवधि के मुताबिक शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लागू होगा। कई स्कीमें दोनों प्लान के बीच स्विच करने पर एग्जिट लोड माफ कर देती हैं, फिर भी फैसला लेने से पहले स्कीम से जुड़ी शर्तें जरूर जांच लें। ज्यादातर ऐप्स में पुरानी SIP को कैंसिल करके नए सिरे से रजिस्टर करने की सुविधा उपलब्ध है।
| निवेश विकल्प | मौजूदा अनुमानित सालाना दर/लागत | ₹5 लाख पर असर |
|---|---|---|
| बैंक एफडी (सामान्य) | 6.5%–7.5% | ₹32,500–₹37,500 ब्याज |
| सीनियर सिटीजन एफडी (अधिकतम) | 8.5% तक | ₹42,500 ब्याज |
| रेगुलर के मुकाबले डायरेक्ट (बचत) | ~0.75% कम TER | ₹3,750 सालाना बचत |
रेगुलर प्लान उन नए निवेशकों या जटिल पोर्टफोलियो वाले लोगों के लिए अब भी सही हैं, जिन्हें व्यक्तिगत सलाह और समय-समय पर रीबैलेंसिंग की जरूरत होती है। वहीं, कई निवेशक डायरेक्ट प्लान के साथ सेबी-रजिस्टर्ड फीस-ओनली सलाहकारों की सेवाएं लेते हैं। इस वीकेंड की आपकी चेकलिस्ट: अपना फोलियो और प्लान लेबल चेक करें, AMC ऐप्स पर नई SIP को डायरेक्ट में बदलें, जरूरत पड़ने पर मैंडेट अपडेट करें और रिकॉर्ड के लिए कॉस्ट डिस्क्लोजर डाउनलोड करके रखें। निवेश में स्पष्टता रखें और लगने वाले चार्जेस को लेकर सतर्क रहें।


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