
SCSS Special Benefit : बजट 2023 में वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) के तहत जमा सीमा में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिक दंपति अपने लिए एक कम्बाइंड हायर मंथली कैश फ्लो सुनिश्चित कर सकते हैं। एससीएसएस जमा पर वर्तमान ब्याज दर 8 फीसदी है। इस रेट पर कैल्कुलेशन से पता चलता है कि बुजुर्ग दंपति अपने अलग एससीएसएस खाते में पूरी राशि का निवेश करके मासिक आधार पर 40,000 रुपये की कंबाइंड ब्याज इनकम प्राप्त कर सकते हैं। आगे जानिए स्कीम की बाकी डिटेल और कैल्कुलेशन से पहले देखिए कि बजट 2023 में क्या प्रस्तावित किया गया है और एससीएसएस खाता खोलने के बारे में नियम क्या कहता है।
बजट 2023 में क्या रखा गया है प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2023 के भाषण में प्रस्ताव रखा कि एससीएसएस के तहत निवेश की सीमा को दोगुना कर दिया जाएगा। इसके साथ एससीएसएस में निवेश की लिमिट हो जाएगी 30 लाख रुपये। एससीएसएस के तहत यह बढ़ी हुई जमा सीमा 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी होने सकती है। हालांकि इस मामले में अभी एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की जानी है।
कैसे खुलेगा एससीएसएस खाता
पोस्ट ऑफिस की वेबसाइट के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति एससीएसएस खाता खोल सकता है। 55 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम आयु के रिटायर्ड सिविलियन कर्मचारी और 50 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम आयु के रिटायर्ड डिफेंस एम्प्लॉइज भी एससीएसएस खाता खोल सकते हैं। एससीएसएस खाता इंडिविजुअली या जीवनसाथी के साथ संयुक्त रूप से खोला जा सकता है।
अभी कितनी है जमा लिमिट
मौजूदा नियमों के अनुसार जॉइंट या इंडिविजुअल खातों के तहत वर्तमान जमा सीमा 15 लाख रुपये है। अगले वित्त वर्ष से यह सीमा बढ़कर 30 लाख रुपये होने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि वरिष्ठ नागरिक दंपति अपना अलग एससीएसएस खाता खोल सकते हैं और हर खाते में 30 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।
कितनी हो सकती है कमाई
एससीएसएस खाता 5 साल में मैच्योर होता है लेकिन ग्राहकों को खाते को तीन साल तक बढ़ाने का अवसर मिलता है। एससीएसएस डिपॉजिट से मिलने वाले ब्याज को हर तिमाही में निकाला जा सकता है। कैल्कुलेशन से पता चलता है कि 8 फीसदी ब्याज की मौजूदा दर पर एससीएसएस खाते में 30 लाख रुपये जमा करने पर 60,000 रुपये की तिमाही ब्याज इनकम होगी। ये 20,000 रुपये मासिक आय के बराबर है। इसलिए यदि कोई वरिष्ठ नागरिक दंपति अपने अलग-अलग एससीएसएस खातों में 30 लाख रुपये जमा करता है, तो वे 1,20,000 रुपये (60,000×2 रुपये) का संयुक्त तिमाही ब्याज हासिल करेंगे, जो कि 40,000 रुपये मासिक आय के बराबर होगा। हालांकि, यह ध्यान रहे कि एससीएसएस ब्याज दर सरकार की तरफ से तिमाही आधार पर संशोधित की जाती है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वर्तमान दर अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी। इसमें कटौती के साथ-साथ बढ़ोतरी भी संभव है। यह भी संभव है कि इसकी दरों में कोई बदलाव न हो।
नोट : यहां पर निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।


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