निवेश के लिहाज से आज भी लोगों का भरोसा बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD पर होता है. क्योंकि इसमें निवेशकों को डिपॉजिट के समय ही रकम पर मिलने वाले ब्याज का पता होता है. फिक्स्ड डिपॉजिट पर तय अवधि में मोटा पैसा तैयार होता है. खासकर सीनियर सिटीजन की बात करें तो बैंकों में FD पर सामान्य से आधे फीसदी ज्यादा ब्याज ऑफर किया जाता है.
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI भी इन्हीं में शामिल है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, 400 दिनों की अमृत कलश योजना के तहत अन्य के मुकाबले ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहा है. इसमें 1 साल की FD पर सीनियर सिटीजन को 7.3%, 3 साल के लिए 7.25% और 5 साल के लिए 7.50% ब्याज दर ऑफर कर रहा है.
SBI Senior Citizen FD : 1 साल के लिए ₹1.50 लाख FD पर ब्याज
SBI ने 1 साल की मैच्योरिटी वाली डिपॉजिट पर सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर 7.30% रखी है. इस लिहाज से निवेशकों को 1 साल की मैच्योरिटी के लिए जमा 1.5 लाख रुपए पर 1,61,253 रुपए मिलेंगे. यानी ब्याज से इनवेस्टर्स की कमाई 11,253 रुपए होगी. अगर 1 साल के लिए जमा 3 लाख रुपए पर ब्याज से 22,507 रुपए की कमाई होती. वहीं, 1 साल के लिए 6 लाख जमा पर निवेशकों को ब्याज से 45,014 रुपए की इनकम होगी.

SBI Senior Citizen FD: 3 साल के लिए ₹1.50 लाख FD पर कमाई
SBI ने 3 साल की मैच्योरिटी वाली डिपॉजिट पर सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर 7.25% रखी है. इस लिहाज से निवेशकों को 3 साल की मैच्योरिटी के लिए जमा 1.5 लाख रुपए पर 1,86,082 रुपए मिलेंगे. यानी ब्याज से इनवेस्टर्स की कमाई 36,082 रुपए होगी. अगर 3 साल के लिए जमा 3 लाख रुपए ब्याज से 72,164 रुपए की कमाई होती. वहीं, 3 साल के लिए 6 लाख जमा पर निवेशकों को ब्याज से 1,44,328 रुपए की इनकम होगी.
SBI Senior Citizen FD: 5 साल के लिए ₹1.50 लाख FD पर ब्याज
SBI ने 5 साल की मैच्योरिटी वाली डिपॉजिट पर सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर 7.50% रखी है. इस लिहाज से निवेशकों को 5 साल की मैच्योरिटी के लिए जमा 1.5 लाख रुपए पर 2,17,492 रुपए मिलेंगे. यानी ब्याज से इनवेस्टर्स की कमाई 67,492 रुपए होगी. अगर 5 साल के लिए जमा 3 लाख रुपए ब्याज से 1,34,984 रुपए की कमाई होती. वहीं, 5 साल के लिए 6 लाख जमा पर निवेशकों को ब्याज से 2,69,969 रुपए की इनकम होगी.
बैंक FD पर मिलती है टैक्स छूट
बैंक में 5 साल की FDs पर सेक्शन 80C के अंतर्गत एक फाइनेंशियल ईयर में 1.50 लाख रुपए तक टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं. यह क्लेम ओल्ड टैक्स रिजीम में ही किया जा सकता है. 5 साल की FDs में 5 साल का लॉक इन पीरियड होता है. यह अवधि 10 साल तक बढ़ सकती है.
इनकम टैक्स नियम के तहत FD से मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है. अगर FD या फिर TD पर एक फाइनेंशियल ईयर में मिलने वाला ब्याज 40,000 रुपए से अधिक है, तो TDS यानी टैक्स डिडक्शन एट सोर्स कटता है. सीनियर सिटीजंस के लिए यह सीमा 50,000 रुपए है. अगर किसी व्यक्ति की इनकम टैक्सेबल लिमिट से कम है, तो वह फॉर्म 15G और 15H भरकर बैंक को FD या TD पर TDS कटौती न करने का आवेदन कर सकता है.


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