नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के आर्थिक प्रभाव को देखते हुए पिछले महीने आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की थी। इसके बाद विभिन्न बैंकों ने लोन की ब्याज दरें घटा कर लोगों को राहत तो दी, मगर साथ ही एफडी और बचत खातों पर ब्याज कम करके झटका भी दिया। इससे बैंक ग्राहकों को एफडी और बचत खातों में जमा राशि पर कम ब्याज मिलेगा। मार्च 2020 में खुदरा मुद्रास्फीति 5.91 प्रतिशत रही और हाल ही में ब्याज दरों में कटौती से प्रमुख बैंकों के बचत खाते के बैलेंस पर वास्तविक रिटर्न निगेटिव हो गई है। यानी आपके बचत खाते पर मिलने वाला रियल या वास्तविक रिटर्न फायदे के बजाय नुकसान होगा। यहां हम आपको बताएंगे कि वास्तविक रिटर्न क्या होता है और कैसे आपको एसबीआई के बचत खाते पर नुकासन होगा।
एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक ने घटाई ब्याज दर
पिछले हफ्ते आईसीआईसीआई बैंक ने 9 अप्रैल 2020 से अपने बचत बैंक खातों पर ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट (बीपीएस) की कटौती की। बैंक की वेबसाइट के अनुसार 50 लाख रुपये से कम के बैलेंस वाले बचत खाते पर सालाना 3.25 फीसदी ब्याज दर होगी, जो पहले 3.50 फीसदी थी। वहीं अगर बचत खाते में 50 लाख रुपए या उससे अधिक हैं तो 3.75 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा। 7 अप्रैल को एसबीआई ने घोषणा की थी कि 15 अप्रैल 2020 से बचत खातों पर सालाना 2.75 फीसदी ब्याज मिलेगा, यानी पहले के मुकाबले 25 बीपीएस कम। वैसे बैंक ने सभी बचत खातों में औसत मासिक बैलेंस बना कर रखने से छूट भी दे दी है।
क्या होता है वास्तविक या रियल रिटर्न
बता दें कि बाजार के जानकार हमेशा किसी भी निवेश पर मिलने वाले रिटर्न के लिए एक खास फैक्टर को ध्यान में रख कर निवेश की सलाह देते हैं और वो है महंगाई यानी इन्फ्लेशन। आपको निवेश पर मिलने वाले रिटर्न का इन्फ्लेशन को पछाड़ना जरूरी है। वरना आपकी क्रय शक्ति घटती है। रिटर्न की वास्तविक दर मुद्रास्फीति को एडजस्ट करने के बाद मिलने वाली रिटर्न को कहते हैं। बैंकों, डाकघरों और अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा एफडी, बचत खाते आदि पर बताई गई ब्याज दर को नॉमिनल ब्याज दर कहा जाता है। असली रिटर्न इन्फ्लेशन को घटाने पर बचा हुआ पैसा होता है।
एसबीआई खाते पर होने वाला नुकसान
ध्यान दीजिए कि एसबीआई के बचत खाते पर 2.75 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा जो आपका नॉमिनल रिटर्न है। इन्फ्लेशन रेट है इस समय 5.91 फीसदी। अब यदि नॉमिनल रिटर्न (2.75 फीसदी) में से इन्फ्लेशन (5.91 फीसदी) को घटाया जाए तो आपकी रियल रिटर्न आएगी -2.98 फीसदी। इसका मतलब यह है कि एसबीआई में आपके बचत खाते में पड़े पैसों की क्रय शक्ति इस मुद्रास्फीति दर के आधार पर सालाना 2.98 फीसदी की दर से घट रही है। इसी तरीके से आईसीआईसीाई बैंक के खाता धारकों को भी सालाना -2.03 फीसदी का नुकसान होगा।


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