देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने लाखों ग्राहकों को झटका दे दिया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI ने लोन की ब्याज दरों में इजाफे का ऐलान किया है. नई दरें आज यानी 15 जुलाई से लागू हो गई हैं. बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स यानी MCRL में 5 से 10 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है. इसके तहत 1 साल का MCLR 8.85% हो गया है.
सरकारी बैंक ने पिछले महीने यानी जून की 15 तारीख को भी दरों में MCLR दरों को 10 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ाया था. बता दें कि MCLR में किसी तरह के बदलाव का असर लोन पर EMI पर सीधे तौर पर पड़ता है. इससे पहले बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी लोन महंगा का ऐलान किया है.
SBI ने बढ़ाया लोन पर ब्याज
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक नए 15 जुलाई 2024 से लागू हो गई हैं. 1 साल की अवधि के लिए MCLR 8.85% कर दिया है. 2 साल की अवधि के लिए 8.95% और 3 साल की अवधि के लिए MCRL 9.0% है. कम अवधि वाले दरों में भी सरकारी बैंक ने बदलाव किए हैं.
SBI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक एक दिन के लिए MCLR 8.10% है. 1 महीने के लिए 8.35%, 3 महीने के लिए 8.40% और 6 महीने की अवधि के लिए लेंडिंग रेट्स 8.75% हैं.

SBI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक एक दिन के लिए MCLR 8.10% है. 1 महीने के लिए 8.35%, 3 महीने के लिए 8.40% और 6 महीने की अवधि के लिए लेंडिंग रेट्स 8.75% हैं. दरों में 10 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया गया है.
RBI पॉलिसी के बाद SBI ने बढ़ाई ब्याज दरें
रिजर्व बैंक यानी RBI की जून पॉलिसी 7 जून को खत्म हुई, जिसमें दरों को स्थिर रखा गया. इस लिहाज से रेपो रेट 6.5% पर बरकरार है. ये 8वां मौका है जब RBI ने दरों को स्थिर रखा है. हालांकि, बाजार को इसका ही अनुमान था. पॉलिसी के बाद चुनिंदा बैंकों ने MCLR में इजाफा किया है. इसमें SBI का नाम भी शामिल हो गया है. इससे पहले अन्य सरकारी क्षेत्र की कंपनी बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी दरें बढ़ाई.
लोन EMI पर होगा असर?
RBI ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. बावजूद इसके चुनिंदा बैंकों ने लेंडिंग रेट्स में इजाफा किया है. क्योंकि आमतौर पर बैंक की निर्भरता MCLR से बदलकर अब एक्सटर्नल लेंडिंग रेट्स पर हो गया है. यही वजह है कि सभी बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं की है, जिसमें HDFC बैंक भी शामिल है.


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