15 जून की सुबह-सुबह ही SBI ने दे दिया ग्राहकों को झटका, महंगा कर दिया लोन, EMI पर पड़ेगा असर!

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने लाखों ग्राहकों को झटका दे दिया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI ने लोन की ब्याज दरों में इजाफे का ऐलान किया है. नई दरें आज यानी 15 जून से लागू हो गई हैं. बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स यानी MCRL में 10 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है. इसके तहत 1 साल का MCLR 8.75% हो गया है जबकि उच्चतम बेंचमार्क रेट 8.95% है. बता दें कि MCLR में किसी तरह के बदलाव का असर लोन पर EMI पर सीधे तौर पर पड़ता है. इससे पहले बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी लोन महंगा का ऐलान किया है.

SBI ने बढ़ाया लोन पर ब्याज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक नए 15 जून 2024 से लागू हो गई हैं. 1 साल की अवधि के लिए MCLR 8.75% कर दिया है. 2 साल की अवधि के लिए 8.85% और 3 साल की अवधि के लिए MCRL 8.95% है. कम अवधि वाले दरों में भी सरकारी बैंक ने बदलाव किए हैं.

SBI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक एक दिन के लिए MCLR 8.10% है. 3 और 6 महीने की अवधि के लिए लेंडिंग रेट्स 8.30% हैं. दरों में 10 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया गया है. 15 जून से पहले 1 साल की अवधि के लिए MCLR 8.65% था. इसी तरह 2 साल के लिए 8.75%, 3 साल के लिए 8.85%, 3 और 6 महीने के लिए लेंडिंग रेट 8.20% था.

SBI होन लोन रेट क्या है?

SBI ग्राहकों को अलग-अलग टेन्योर के लिए होम लोन पर अलग-अलग दरें ऑफर कर रहा है. CIBIL स्कोर 750 या उससे ऊपर का है तो ब्याज दरे 9.55% है. CIBIL स्कोर 700 से 749 के बीच रहने पर 9.75%, क्रेडिट स्कोर 650-699 रहने की स्थिति में 9.85% और अगर स्कोर 550 से 649 के बीच है तो ब्याज दर 10.15% है.

SBI की लोन EMI बढ़ेगी?

MCLR में बदलाव के बाद लोन की EMI में कोई बदलाव होगा यानी नहीं? इसे उदाहरण से समझते हैं...मान लीजिए की 10 साल की अवधि के लिए किसी ग्राहक ने SBI से 30 लाख रुपए का होम लोन लिया, जिस पर 9.55% ब्याज है. इस लिहाज से हर महीने 38901 रुपए की EMI होगी. लंबी अवधि में कुल ब्याज का भुगतान 16.68 लाख रुपए का होगा. यानी ग्राहक कुल 46.68 लाख रुपए का पेमेंट करेगा.

SBI MCLR hiked

RBI पॉलिसी के बाद SBI ने बढ़ाई ब्याज दरें

रिजर्व बैंक यानी RBI की जून पॉलिसी 7 जून को खत्म हुई, जिसमें दरों को स्थिर रखा गया. इस लिहाज से रेपो रेट 6.5% पर बरकरार है. ये 8वां मौका है जब RBI ने दरों को स्थिर रखा है. हालांकि, बाजार को इसका ही अनुमान था. पॉलिसी के बाद चुनिंदा बैंकों ने MCLR में इजाफा किया है. इसमें SBI का नाम भी शामिल हो गया है. इससे पहले अन्य सरकारी क्षेत्र की कंपनी बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी दरें बढ़ाई.

लोन EMI पर होगा असर?

RBI ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. बावजूद इसके चुनिंदा बैंकों ने लेंडिंग रेट्स में इजाफा किया है. क्योंकि आमतौर पर बैंक की निर्भरता MCLR से बदलकर अब एक्सटर्नल लेंडिंग रेट्स पर हो गया है. यही वजह है कि सभी बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं की है, जिसमें HDFC बैंक भी शामिल है.

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