भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की डिजिटल सेवाएं आज तड़के कुछ देर के लिए बाधित रहीं। 24 अक्टूबर 2026 को रात 01:45 से 02:30 बजे (IST) के बीच तय शेड्यूल के तहत मेंटेनेंस वर्क चला, जिस वजह से इस दौरान बैंक की सर्विसेज उपलब्ध नहीं थीं। इस आउटेज का असर UPI, YONO, इंटरनेट बैंकिंग, NEFT, RTGS और IMPS पर पड़ा। हालांकि अब सभी सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, लेकिन कई यूजर्स को अपने UPI ट्रांजैक्शन अभी भी 'Pending' दिख सकते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो यहां जानिए पैसे वापस पाने की टाइमलाइन, रिफंड चेक करने का तरीका और सुरक्षित दोबारा पेमेंट करने के सेफ स्टेप्स।
अपने ट्रांजैक्शन की जांच करने के लिए सबसे पहले UPI ऐप की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और YONO पासबुक चेक करें। अगर कोई पेमेंट 'Pending' दिखा रहा है, तो जब तक उसका स्टेटस 'Success' या 'Failed' न हो जाए, दोबारा पेमेंट करने की गलती न करें। स्टेटस 'Failed' होने पर नेटवर्क सामान्य होते ही पैसे अपने आप आपके बैंक खाते में वापस आ जाते हैं। भविष्य के रिकॉर्ड के लिए ट्रांजैक्शन का समय (Timestamp), UTR या रेफरेंस नंबर नोट कर लें और अकाउंट बैलेंस का स्क्रीनशॉट रख लें। आगे शिकायत दर्ज कराने की स्थिति में ये जानकारी आपके बहुत काम आएगी।

SBI UPI, YONO और नेटबैंकिंग: कब मिलेगा रिफंड और क्या है शिकायत का सही तरीका?
आरबीआई (RBI) के नियमों के मुताबिक, फेल हुए UPI या IMPS पेमेंट का पैसा 'T+1' यानी अगले एक वर्किंग डे के भीतर अपने आप खाते में वापस (Auto-reversal) आ जाना चाहिए। अगर बैंक T+1 टाइमलाइन के अंदर पैसा नहीं लौटाता है, तो उसे क्रेडिट होने तक ग्राहकों को रोज ₹100 का हर्जाना देना होगा। वहीं मर्चेंट UPI पेमेंट में दिक्कत आने पर समाधान की प्रक्रिया में T+4 दिन तक का समय लग सकता है। जब मर्चेंट की ओर से पेमेंट की पुष्टि नहीं मिलती, तब बैंक NPCI के 1065 जैसे डिस्प्यूट कोड दर्ज करते हैं। अगर फिर भी रिफंड न आए, तो ऐप के जरिए शिकायत करें या SBI के CRM-CMS पोर्टल पर जाकर टिकट दर्ज कराएं।
| ट्रांजैक्शन स्टेटस | अब क्या करें? | कितना वक्त लगेगा? |
|---|---|---|
| Pending | इंतजार करें; जब तक फाइनल स्टेटस न बदले, दोबारा पेमेंट न करें। | कुछ घंटों में, वरना T+1 तक |
| Failed | शुरुआत में खुद कुछ न करें; ऑटो-रिवर्सल पर नजर रखें। | T+1 तक, इसके बाद शिकायत दर्ज कराएं |
| Success; मर्चेंट को पैसा नहीं मिला | दोबारा भुगतान करने से बचें; मर्चेंट से हिसाब मिलाने को कहें; जरूरत पड़े तो डिस्प्यूट रेज करें। | T+4 चरणों तक |
दोबारा पेमेंट करने से पहले अपनाएं ये सेफ स्टेप्स, UPI Lite और कार्ड्स भी हैं बेहतरीन ऑप्शन
दोबारा पेमेंट का प्रयास करने से पहले अकाउंट बैलेंस रीफ्रेश करें, किसी स्टेबल नेटवर्क से जुड़ें और ऐप को एक बार रीस्टार्ट जरूर कर लें। जब तक ट्रांजैक्शन का स्टेटस पेंडिंग रहे, तब तक दोबारा ट्राई न करें; स्टेटस 'Failed' दिखने के बाद ही नया पेमेंट करें। बड़ा अमाउंट ट्रांसफर करना हो तो उसे छोटे-छोटे हिस्सों में भेजें, शुरुआत एक छोटे टेस्ट पेमेंट से करें और UTR अपडेट्स पर नजर रखें। रोजमर्रा के छोटे खर्चों के लिए 'UPI Lite' का इस्तेमाल करें, जिसमें फिलहाल प्रति ट्रांजैक्शन ₹1,000 तक की लिमिट मिलती है। ऐप सपोर्ट के आधार पर इसमें आपका वॉलेट बैलेंस ₹5,000 तक हो सकता है। अगर डिजिटल चैनल धीमे चल रहे हों, तो डेबिट/क्रेडिट कार्ड, ATM का इस्तेमाल करें या फिर बिल पेमेंट का समय थोड़ा आगे बढ़ा दें।
अगर आज के इस मेंटेनेंस आउटेज की वजह से आपका भी कोई पेमेंट अटक गया है, तो अगले 24 घंटों तक अपने ट्रांजैक्शन पर नजर बनाए रखें। अगर T+1 समयसीमा बीत जाने के बाद भी रिफंड न मिले, तो SBI से संपर्क करें और नियमानुसार मुआवजे का दावा करें। बैंक स्तर पर समाधान न होने की स्थिति में RBI के CMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं। ध्यान रखें कि टाइमस्टैम्प, UTR नंबर, स्क्रीनशॉट और शिकायत की टिकट संख्या पास रखने से आपकी समस्या का समाधान काफी तेजी से होगा।


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