SBI Cuts Home Loan Rates: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फरवरी पॉलिसी में रेपो दर को घटाने का ऐलान किया. यह 5 साल में पहली बार हुई. इसके बाद घरेलू बैंकों ने भी ग्राहकों को खुशखबरी देनी शुरू कर दी है. इस कड़ी में देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भी शामिल हो गया है, जिसने अपनी बाह्य बेंचमार्क आधारित उधार दर (ELBR) और रेपो लिंक्ड उधार दर (RLLR) में कटौती का ऐलान किया है. इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.
SBI की नई दरें लागू हुईं
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने हाल ही में रेपो दर को 6.50% से घटाकर 6.25% कर दिया है, जो 0.25% या 25 आधार अंकों की कमी है. इसके चलते कई बैंकों ने अपनी लोन ब्याज दरों में कमी की है. बता दें कि SBI की नई दरें 15 फरवरी, 2025 से लागू हो गई हैं.
कितना बदलेगा होम लोन EMI?
एसबीआई ने अपने ईबीएलआर को 9.15% + सीआरपी + बीएसपी से घटाकर 8.90% + सीआरपी + बीएसपी कर दिया है, जो 0.25% की कटौती है. इस बदलाव से ELBR से जुड़े लोन वाले ग्राहकों को फायदा होगा, जैसे कि होम लोन और पर्सनल लोन. कम ब्याज दर से मंथली EMI कम हो सकती है या जल्दी लोन चुकाया जा सकता है.

इसी तरह एसबीआई ने अपने RLLR को 8.75% + सीआरपी से घटाकर 8.50% + सीआरपी कर दिया है. चूंकि RLLR सीधे आरबीआई की रेपो दर से जुड़ा हुआ है, इसलिए कोई भी बदलाव ग्राहक लोन रेट्स में तुरंत दिखाई देता है. यह उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिनके पास आरएलएलआर से जुड़े घर या बिजनेस लोन हैं.
SBI MCLR और आधार दरों में कोई बदलाव नहीं
इन कटौतियों के बावजूद SBI ने अपनी सीमांत लागत आधारित उधार दर (MCLR), आधार दर या बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग दर (BPLR) में कोई बदलाव नहीं किया है. इन रेट्स से जुड़े लोन वाले ग्राहकों को तत्काल राहत नहीं मिलेगी, लेकिन संभावित बचत के लिए वे अपने लोन को EBLR या RLLR में ट्रांसफर करने पर विचार कर सकते हैं.
ब्याज दरों में कटौती का मतलब यह भी है कि 20 साल में होम लोन चुकाने वाले ग्राहकों की मथली किस्तों में लगभग 1.8% की कमी आ सकती है.


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