अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। SBI कार्ड ने अपने ग्राहकों के लिए कुछ नए नियमों की घोषणा की है, जो सीधे तौर पर आपके महीने के खर्च और क्रेडिट कार्ड बिल पर असर डाल सकते हैं। ये सभी बदलाव 15 जुलाई 2025 से लागू होंगे जबकि कुछ नियम 11 अगस्त 2025 से प्रभावी होंगे। आइए एक-एक करके जानते हैं कि क्या कुछ बदलेगा और इसका असर आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग पर कैसे पड़ेगा।

अब बढ़ जाएगा मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD)
हर महीने क्रेडिट कार्ड का एक न्यूनतम भुगतान करना जरूरी होता है, जिससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब नहीं होती और डिफॉल्टर भी नहीं माने जाते। इसे Minimum Amount Due (MAD) कहा जाता है। अब तक कई ग्राहक केवल थोड़ा-सा अमाउंट चुकाकर काम चला लेते थे, लेकिन SBI ने इसके कैलकुलेशन के तरीके में बड़ा बदलाव कर दिया है।
अब MAD में ये चीजें शामिल होंगी:
सभी EMI का 100% हिस्सा, सभी टैक्स जैसे GST लेट फीस, सर्विस चार्ज व अन्य शुल्क, फाइनेंस चार्ज (ब्याज) अगर आपने लिमिट से ज्यादा खर्च किया है, तो वह राशि और बचे हुए कुल बकाया का 2% हिस्सा। इसका मतलब यह है कि अब आपकी न्यूनतम देनदारी पहले से कहीं ज्यादा हो सकती है। ऐसे में अगर आप समय पर पूरा पेमेंट नहीं करते, तो बिल चुकाने का दबाव और बढ़ेगा।
एयर ट्रैवल के लिए इंश्योरेंस कवर खत्म
SBI कार्ड्स में कई को-ब्रांडेड कार्ड्स भी आते हैं, जो बाकी बैंकों जैसे UCO Bank, KVB (Karur Vysya Bank) और PSB (Punjab & Sind Bank) के साथ मिलकर जारी किए जाते हैं। इन कार्ड्स पर अब तक हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपए तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलता था।
अब SBI कार्ड ने ऐलान किया है कि 11 अगस्त 2025 से यह सुविधा बंद कर दी जाएगी। यानी इन कार्ड्स पर अब कोई फ्री एयर एक्सीडेंट कवर नहीं मिलेगा। अगर आप अक्सर फ्लाइट से यात्रा करते हैं और इस इंश्योरेंस पर निर्भर थे, तो अब निजी बीमा पॉलिसी लेना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
पेमेंट सेटलमेंट का नया तरीका लागू
SBI कार्ड अब इस बात को तय करेगा कि आपने जो पेमेंट किया है, वो सबसे पहले किस हिस्से में एडजस्ट होगा। पहले पेमेंट ग्राहक के द्वारा किए गए सबसे हाल के खर्चों को एडजस्ट करता था, लेकिन अब यह ऑटोमैटिक और प्रायोरिटी बेस्ड होगा।
नए नियम के तहत आपके द्वारा किया गया पेमेंट पहले इन हिस्सों में जाएगा:
जीएसटी और टैक्स, EMI, फीस, चार्ज और पेनल्टी, ब्याज (फाइनेंस चार्ज), बैलेंस ट्रांसफर, रिटेल खर्च सबसे आखिर में कैश एडवांस इस बदलाव का सबसे बड़ा असर यह होगा कि अगर आपने पहले कोई फीस, ब्याज या चार्ज नहीं चुकाया है, तो आपकी नई पेमेंट पहले उसमें कटेगी। इसका मतलब यह भी है कि रिटेल खर्च या कैश पर ब्याज जारी रह सकता है।
क्या करें SBI कार्ड यूज़र्स?
इन नए नियमों से यह साफ हो गया है कि SBI कार्ड इस्तेमाल करते समय अब ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। अगर आप हर महीने केवल मिनिमम अमाउंट चुकाते हैं या पुराने चार्ज बकाया रहते हैं, तो आपके ऊपर ब्याज और लेट फीस का बोझ बढ़ सकता है। बेहतर होगा कि हर महीने पूरा बिल समय पर चुकाएं।
साथ ही अगर आप हवाई यात्रा करते हैं और एयर एक्सीडेंट कवर पर भरोसा करते हैं, तो किसी अच्छे ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान की खोज अभी से शुरू कर दें।
कहां से लें जानकारी?
इन सभी बदलावों की पूरी जानकारी और अपडेट्स आप SBI कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.sbicard.com पर देख सकते हैं या फिर कस्टमर केयर से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
SBI के ये नए नियम दिखाते हैं कि बैंक अब क्रेडिट कार्ड पेमेंट्स को ज्यादा ट्रांसपेरेंसी और अच्छा बनाने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि, इसका असर आम ग्राहकों की जेब पर जरूर पड़ेगा।


Click it and Unblock the Notifications