नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई ने नगद पैसे निकालने के नियम में बदलाव किया है। नए नियम के तहत एसबीआई के खाताधारक 1 साल में 20 लाख रुपये से ज्यादा की नकद निकासी नहीं कर पाएंगे। अगर बैंक के खाताधारक ऐसा करना चाहते हैं तो उनको टैक्स यानी टीडीएस देना पड़ेगा। वहीं एसबीआई ने इस टैक्स से बचने के उपाय की भी जानकारी अपने ग्राहकों को दी है।
एसबीआई ने क्या दी है जानकारी
एसबीआई के अनुसार अगर आप साल में 20 लाख रुपये से ज्यादा की नगद निकासनी करना चाहते हैा तो सबसे पहले तो आपको बैंक में अपने पैन कार्ड की डिटेल्स जमा करनी होगी। अगर आपने पहले से ही पैन कार्ड डिटेल्स दी है तो दोबार इसे जमा करने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा बैंक को अपने इनकम टैक्स रिटर्न का विवरण भी देना होगा। अगर आप ऐसा करके 20 लाख रुपये से ज्यादा रकम निकालेंगे तो टीडीएस से बच सकते हैं।
बिना आईटीआर के देना होगा टीडीएस
बैंक के अनुसार आयकर रिटर्न न भरने की स्थिति में आपको टीडीएस देना होगा। वहीं अगर आपने पिछले 3 साल में एक बार भी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो 1 जुलाई 2020 से 20 लाख से ज्यादा निकासी पर यह टैक्स देना होगा। इसके तहत 20 लाख रुपये तक नकद निकासी पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा। 20 लाख से अधिक और 1 करोड़ रुपए से कम की नकद निकासी पर 2 फीसदी टैक्स लिया जाएगा। यह टैक्स तब लिया जाएगा जब आपके पास पैन कार्ड होगा। अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो उस स्थिति में 20 फीसदी टैक्स लगेगा। 1 करोड़ रुपए से अधिक की नकद निकासी पर पैन कार्ड होने पर 5 फीसदी टीडीएस कटा जाएगा और पैन कार्ड न होने पर 20 फीसदी ही टीडीएस कटेगा।
जानिए क्या होता है टीडीएस
अगर किसी व्यक्ति की कोई आय होती है तो उस आय से टैक्स काटकर अगर व्यक्ति को बाकी रकम दी जाए तो टैक्स के रूप में काटी गई रकम को टीडीएस कहते हैं। टीडीएस अलग-अलग तरह के आय स्रोतों पर काटा जाता है। इसमें सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि जैसी मद शामिल होती हैं। कोई भी संस्थान (जो टीडीएस के दायरे में आता है) जो भुगतान कर रहा है, वह एक निश्चित रकम टीडीएस के रूप में कटौती करता है।


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