How to Save Money from Salary Every Month: पहली जॉब हर किसी के लिए खास होती है। जब भी कोई पहली बार जॉब करता है तो वह अनुभव जीवनभर याद रहता है।
पहली जॉब के समय ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि वह सब कुछ खरीद पाएं जो वह खरीदना चाहते थे, लेकिन यह समझना जरूरी है कि नौकरी सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि कई प्रकार की वित्तीय जिम्मेदारियां भी लेकर आती हैं।

निवेश, बचत और टैक्स ये कुछ ऐसे शब्द हैं जिनका आपकी सैलरी से संबंध है। जी हां, पहली जॉब के साथ ही आपको यह भी समझ लेना चाहिए कि अपने लक्ष्य को पूरा करने और सपनों को सच करने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत है। चलिए अगर आप यह जानने के लिए उत्सुक हैं तो इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं।
बजट तैयार करना है जरूरी
यह बेहद जरूरी है कि आप अपना बजट तैयार करें क्योंकि इससे आपको अपनी कमाई भी के साथ-साथ खर्च के बारे में भी जानकारी रहेगी।
अगर आपनी सैलरी के साथ-साथ खर्च का भी हिसाब रखेंगे तो आपको पता चल पाएगा कि खर्च, बचत और निवेश कितना करना है।
आपको लॉन्ग टर्म बजट बनाने पर ध्यान देना होगा। बजट में आपको इमरजेंसी के लिए भी पैसे रखने चाहिए।
इसके अलावा जो भी आपके वित्तीय लक्षय हैं उन्हें भी अपने बजट में निर्धारित करें। इसमें अपने लक्ष्य को शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म में डिवाइड करें।
निवेश और बचत का रखें ध्यान
आप अपनी मेहनत की कमाई को कई जगहों पर निवेश कर सकते हैं जैसे पोस्ट ऑपिस की स्कीम्स, एफडी, आरडी, म्यूचुअल फंड आदि।
निवेश करने से पहले आपको जोखिम की क्षमता और समयावधि का भी ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें की कम निवेश में आपको अधिक रिटर्न मिले।
आपको निवेश के अलावा अपनी सैलरी से सेविंग्स का भी ध्यान रखना होगा। सेविंग्स करने के लिए आप एक अलग बचत खाता भी रख सकते हैं जिसमें हर महीने आप पैसे रख सकते हैं।
रिटायरमेंट फंड से लेकर हेल्थ इंश्योरेंस सब कुछ आपके लिए बेहद जरूरी है तो इन चीजों का भी ध्यान रखें।
खर्चों का रखें हिसाब
पूरे महीने का आपका जो भी खर्च है उसे एक डायरी में लिखें। इसमें घर के राशन से लेकर रोजाना होने वाले खर्चों को भी शामिल करें।
अब उन खर्चों की सूची बना लें जो आपको गैर जरूरी लगते हैं लेकिन लगातार हो रहे हैं। इन खर्चों को जो अब लिखेंगे तो यह समझ जाएंगे कि यह जरूरी नहीं हैं और इस तरह आप हजारों रुपये की बचत हर महीने कर सकते हैं।
एसेट एलोकेशन ध्यान रखें
अगर आप पर वित्तीय जिम्मेदारी कम है तो आप 20 फीसदी पैसे फिक्सड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में और 80 फीसदी पैसे शेयर में लगाने चाहिए।
इसे एसेट एलोकेशन रेश्यो भी कहते हैं। नौकरी के साथ अपनी अपने सीटीसी का ब्रेक-अप ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय प्लानर से सलाह कर अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से ही निवेश करें।
More From GoodReturns

11 सितंबर से बदल रहा है म्यूचुअल फंड का TER, SIP निवेशकों के लिए अलर्ट

स्पैम कॉल्स और मैसेज से मिलेगी मुक्ति! ट्राई के नए सख्त नियमों से बदल जाएगा आपका अनुभव

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: क्रूड ऑयल के डर के बीच SIP और निवेश का सही फॉर्मूला

डॉलर के मुकाबले रुपया 94.6 के पार: आपकी बचत और विदेश यात्रा पर क्या होगा असर?

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

स्पैम कॉल्स और 'डिजिटल अरेस्ट' का खतरा: TRAI और CERT-In की नई चेतावनी, तुरंत करें ये काम

HSBC क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी: 15 सितंबर तक फॉरेक्स फीस माफ, ऐसे बचाएं हजारों रुपये

गिरता रुपया और महंगा क्रूड: निवेश के लिए FD, गोल्ड या डेट फंड में से क्या है बेस्ट?

जन्माष्टमी पर बैंक बंद: क्या आज कटेगी आपकी EMI और क्रेडिट कार्ड का पैसा?

सितंबर में MCLR में बढ़ोतरी: क्या आपकी EMI बढ़ेगी? जानें बचने का आसान तरीका



Click it and Unblock the Notifications
