SARTHAQ Scheme: भारत सरकार के द्वारा साल 2020 में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को लागू करने के लिए सार्थक स्कीम शुरू की गई थी। सार्थक स्कीम को लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को ठीक तरह से लागू करना था। सरकार के द्वारा सार्थक योजना का इस्तेमालराज्य और केंद्र शासित प्रदेश मैं नई शिक्षा नीति के लक्ष्य और उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए और उसे समझने के लिए किया गया था।
डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन और लिटरेसी के द्वारा नेशनल एजुकेशन प्लेन को स्कूल में इंप्लीमेंट करने के लिए सार्थक योजना का इस्तेमाल किया गया है। ताकि यूनियन टेरिटरी और राज्यों के द्वारा गोल और ऑब्जेक्टिव को हासिल किया जा सके।

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि जरूरत पड़ने पर राज इसके तहत बदलाव भी कर सकते हैं जो इस योजना को सफल बनाने में काफी मददगार हो सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की सार्थक योजना को लागू करने से पहले काफी ज्यादा व्यापक और गहन विचार किया गया था, इसके बाद इसे डेवलप किया गया है। इसमें केंद्र शासित प्रदेश राज्य और कई सारी स्वायत्त संस्थाओं और हितधारकों की सिफारिश को भी शामिल किया गया है। और इस दौरान करीब 7177 सुझाव भी प्राप्त किए गए थे। इसके लिए देशभर के शिक्षकों से इस सालह मांगी गई थी जिसमें कुल 15 लाख सजेशन मिले थे।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मिल रही प्रतिक्रियाओं और प्रपोजल्स काएक्सपर्ट के द्वारा एनालिसिस भी की जा रही थी। इसमें लगभग सभी राज्यों द्वारा दी गई प्रतिक्रिया और सुझाव को जोड़ा गया है और इंटीग्रेटेड किया गया है। इसके अलावा जिन राज्यों ने अभी इसके लिए सुझाव नहीं दिया है आगे आने वाले समय में अगर वह सुझाव देते हैं तो उसे भी इंटीग्रेटेड किया जाएगा।
सार्थक योजना के तहत पाठ्यक्रम में संशोधन करके और बच्चों के लिए नए नेशनल और स्टेट फ्रेमवर्क और बेहतर बनाना है, जो बच्चों की प्राथमिक शिक्षा और केयर को बेहतर बना सके।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल में जोड़ने का है। जिसे इंवॉल्वमेंट रेश्यो बढ़ाकर हासिल किया जा सकता है। इसमें ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो और नेट एनरोलमेंट रेश्यो शामिल है। इस योजना का यह देश ट्रांजिशन और रिटेंशन रेट को बेहतर बनाने के साथ स्कूल छोड़ने वाले बच्चे और जो बच्चे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं उनकी संख्या को कम करने का है।
इसके अलावा इस स्कीम के तहत एक्सपेरिमेंटल एजुकेशन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके तहत आने वाले टीचर एजुकेशन प्रोग्राम से शिक्षा की क्वालिटी भी बेहतर की जाएगी।
सार्थक स्कीम के तहत बच्चों को वोकेशनल ट्रेनिंग के साथ एथलेटिक्स, आर्ट और इंडियन नॉलेज के साथ लेटेस्ट स्किल की जानकारी भी दी जाएगी। उनके पाठ्यक्रम में एनवायरमेंटल कंजर्वेशन अवेयरनेस भी जोड़ा गया है, ताकि वह अपने पर्यावरण के प्रति सजग और जागरूक रह सकें।
सार्थक के जरिए एजुकेशन के कैरेक्टर को पहचानने में मदद मिलती है और उसकी फेडरलिस्ट फिलॉसॉफी को मेंटेन करने में भी काफी सहायता मिलती है। इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य पूरे भारत की व्यवस्था में सुधार लाना है।


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