डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 96 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में अगर आप जल्द ही विदेश जाने वाले हैं या कोई विदेशी फीस भरनी है, तो बिना देर किए फॉरेक्स (Forex) की रणनीति तैयार कर लें। 11 सितंबर को कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से रुपया 95.7–95.8 के आसपास कारोबार कर रहा था। इस वजह से डॉलर की लिक्विडिटी घटी है और यात्रियों व विदेश में पेमेंट करने वालों के लिए सेटलमेंट कॉस्ट बढ़ गई है। इसलिए अभी से कदम उठाएं, क्योंकि इंतजार करने पर आपको और भी महंगा एक्सचेंज रेट झेलना पड़ सकता है।
अगर आपकी यात्रा अगले 30 दिनों में है, ट्यूशन फीस जमा करनी है या डॉलर का कोई इनवॉइस पेंडिंग है, तो अगले 48 घंटों के भीतर फैसला लें। आज का रेट लॉक करने के लिए प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड या आउटवर्ड रिमिटेंस का सहारा लें। सारा पैसा एक साथ लोड करने के बजाय उसे दो या तीन किस्तों में लोड करें। अपने बैंक या ऐप में रेट अलर्ट जरूर सेट कर लें। बिल चुकाते समय डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) से बचें और काउंटर पर जाने के बजाय तेजी से काम निपटाने के लिए कार्ड को ऑनलाइन लोड करें।

रुपया 96/$ के पास: फॉरेक्स एक्शन चेकलिस्ट
पेमेंट का जरिया चुनते समय खर्च और नियंत्रण को प्राथमिकता दें। सबसे बेस्ट ऑप्शन है: यात्रा वाले देश की करेंसी में लोड किया गया मल्टी-करेंसी फॉरेक्स कार्ड। अगर आप कार्ड में लोड की गई करेंसी से अलग किसी करेंसी में खर्च करते हैं, तो करीब 3–3.5% तक क्रॉस-करेंसी फीस लगती है। इसके बाद इंटरनेशनल डेबिट या क्रेडिट कार्ड का नंबर आता है, जिस पर नेटवर्क करीब 3.5% कन्वर्जन फीस के साथ टैक्स जोड़ते हैं। DCC के विकल्प को हमेशा मना करें, क्योंकि कुछ बैंक देश के भीतर भी 1% तक DCC मार्कअप वसूलते हैं। वहीं, विदेश में एटीएम से कैश निकालने पर फ्लैट फीस देनी होती है।
रुपया 96/$ के पास: LRS रिमिटेंस के लिए बैंकों की टाइमिंग
वर्किंग डेज में बैंक के कट-ऑफ टाइम से पहले भेजी गई रिमिटेंस रिक्वेस्ट आमतौर पर उसी दिन क्रेडिट हो जाती है। जैसे, आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक प्रोसेसिंग के लिए दोपहर 2:00 बजे का समय देता है। कई बैंक आउटवर्ड फॉरेक्स रिक्वेस्ट को अगले वर्किंग डे पर प्रोसेस करते हैं, जबकि शनिवार और रविवार को सबमिट की गई रिक्वेस्ट सोमवार को पूरी होती है। इसलिए पासपोर्ट, इनवॉइस या एडमिशन लेटर और पर्पज कोड जैसे सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स अभी से तैयार रखें, ताकि सोमवार सुबह की विंडो का पूरा फायदा उठाया जा सके।
FD बनाम सेविंग्स अकाउंट: मौजूदा दरों पर 5, 10 और 15 साल का रिटर्न
इमरजेंसी डॉलर की रकम भारत में पार्क करना चाहते हैं? हालिया लिस्टिंग के मुताबिक, बड़े बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर सालाना 6.25%–7.40% के आसपास ब्याज दे रहे हैं। वहीं सेविंग्स अकाउंट में बैलेंस के आधार पर अमूमन 3.0%–3.5% ब्याज मिलता है। यहां देखें कि अनुमानित ब्याज दरों के हिसाब से ₹1,00,000 की रकम पर टैक्स से पहले कितना कम्पाउंड रिटर्न मिलेगा। इसका इस्तेमाल अपनी शॉर्ट-टर्म फॉरेक्स जरूरतों और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट का आकलन करने के लिए करें।
| प्रोडक्ट | अनुमानित दर | 5 साल | 10 साल | 15 साल |
|---|---|---|---|---|
| सेविंग्स अकाउंट | 3.0% प्रति वर्ष | ₹1,15,927 | ₹1,34,392 | ₹1,55,797 |
| फिक्स्ड डिपॉजिट | 7.0% प्रति वर्ष | ₹1,40,255 | ₹1,96,715 | ₹2,75,911 |
हर स्वाइप के साथ सुरक्षा का ध्यान रखें। जब जरूरत न हो, तो कार्ड की इंटरनेशनल यूसेज बंद कर दें। ऐप के जरिए रोजाना की एटीएम और शॉपिंग लिमिट सेट करें। कार्ड गुम होने पर तुरंत ब्लॉक कराएं और इमरजेंसी रिप्लेसमेंट के लिए अप्लाई करें। मर्चेंट की रसीदें संभालकर रखें, ताकि बिना अनुमति वाले या DCC के जरिए जोड़े गए एक्स्ट्रा चार्ज को चार्जबैक रूल्स के तहत चैलेंज किया जा सके। आज के ये स्मार्ट कंट्रोल्स कल आपको कमजोर होते रुपये के झटके से बचा सकते हैं।


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