नयी दिल्ली। लोग लाइफ में आने वाले बड़े खर्चों और जरूरतों के मुताबिक लोन लेते हैं। इनमें घर, गाड़ी या ऐसी ही किसी बड़ी जरूरत के लिए लोन लेना आम बात है। अब लोग घूमने फिरने के लिए भी लोन लगे हैं। वहीं कारोबार को विस्तार देने के लिए लोन लेना भी आम है। मगर पूरे भारत की बात करें तो क्य आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या हर भारतीय इन्हीं कारणों से लोन लेता है? वहीं अगर पर्सनल लोन की बात करें तो यह अनुमान लगाना और भी मुश्किल हो जायेगा। मगर लोन लेने से पहले बहुत सारी ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि आप पर जुर्माने या ब्याज का अधिक भार न पड़े। इसके अलावा कौन सा लोन आपके लिए बेस्ट रहेगा या कहाँ से लोन लेना मुनासिब रहेगा ये सारी बातें ध्यान देने योग्य हैं। हमारे देश के लोग बहुत सारी चीजों के लिए पर्सनल लोन ले लेते हैं। आइये जानते हैं वे 5 बड़े कारण जिनके लिए अधिकतर भारतीय, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं, पर्सनल लोन लेते हैं।
बिजनेस और घर तैयार करना
हाल ही में मनीव्यू द्वारा पेश की गयी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा कारोबार के लिए लिया जाता है। इनमें अगर महिलाओं और पुरुषों की अलग बात करें तो 22.4 फीसदी पुरुष और 19 फीसदी महिलाएँ पर्सनल लोन अपने कारोबार के लिए लेती हैं। वहीं दूसरे नंबर पर है घर बनाना। घर बनाने के लिए 17.8 फीसदी पुरुष पर्सनल लोन लेते हैं। जबकि 15.9 फीसदी महिलाएँ होम फर्निशिंग के लिए पर्सनल लोन का रुख करती हैं। आपको बता दें कि कारोबार और घर इन दोनों के लिए सरकार ने भी अपनी कर्ज योजनाएँ चला रखी हैं।
मेडिकल और कर्ज चुकाना
हमारे देश में अभी भी लोग मेडिकल खर्च के लिए लोन लेते हैं। वहीं आपको यह जान कर हैरानी हो सकती है कि काफी सारे लोग दूसरे लोन चुकाने के लिए पर्सनल लोन लेते हैं। आँकड़ों के लिहाज से देखें तो जहाँ 9.2 फीसदी पुरुष मेडिकल खर्च के लिए पर्सनल लोन लेते हैं, वहीं 10.2 फीसदी पुरुष अपने दूसरे कर्ज चुकाने के लिए पर्सनल लोन का रुख करते हैं। वहीं महिलाओं की बात करें तो मेडिकल एक्सपेंसेज के लिए 11.6 फीसदी महिलाएँ पर्सनल लोन लेती हैं, जबकि 10.8 फीसदी महिलाएँ अपने अन्य कर्ज चुकाने के लिए पर्सनल लोन का सहारा लेती हैं।
एजुकेशन के लिए पर्सनल लोन
काफी तादाद में लोग एजुकेशन इसमें भी खास कर बच्चों की शिक्षा के लिए पर्सनल लोन लेते हैं। इनमें 10.9 फीसदी महिलाएँ और 7.1 फीसदी पुरुष पर्सनल लोन लेते हैं। वहीं अगर पर्सनल कारणों की बात करें तो 5 फीसदी पुरुष और 6.4 फीसदी महिलाएं निजी कारणों से पर्सनल लोन लेती हैं। इसके अलावा भारतीय जिन अन्य कारणों से पर्सनल लेते हैं उनमें शादी, ट्रेवल, इलेक्ट्रिक चीजें, गाड़ी और किसी खास अवसर शामिल हैं।
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