Retirement Investment Plan: रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए निवेश किस तरह करें इस बात पर कई लोग सोच-विचार करते हैं। कुछ लोग 60 साल की उम्र में रिटायर होने का लक्ष्य रखते हैं, जबकि दूसरे लोग इससे भी पहले काम करना बंद करना चाहते हैं, लेकिन क्या आपने अगले 5 साल बाद रिटायर होने के बारे में सोचा है। अगर आपका जवाब हां है, तो हम आपको बताएंगे कि कैसे आप 10 सालों के बाद रिटायर होकर हर महीने 50000 रुपये पेंशन पा सकते हैं।

50 हजार की पेंशन पाने के लिए इतने रुपये करने होंगे निवेश
आप हर महीने 50,000 रुपये की पेंशन पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 10 साल में 75 लाख रुपये का आपको निवेश करना होगा। स्टेप अप एसआईपी (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए म्यूचुअल फंड में हर महीने 23,000 रुपये निवेश करना आप शुरु करें। इस तरह के एसआईपी में आपको हर साल 10% निवेश बढ़ाना होता है। 12% की औसत ब्याज दर के साथ, आप 10 साल में लगभग 77 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।
सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) आपके म्यूचुअल फंड निवेश से नियमित निकासी की अनुमति देता है, जिससे एक स्थिर आय मिलती है। म्यूचुअल फंड में सही रूप से निवेश से आपकी जल्दी रिटायरमेंट की प्लानिंग बेहतर हो सकती है। इससे आपको पर्याप्त पेंशन के मिल सकती है जिसके कारण आपका बुढ़ापा पैसों की टेंशन से दूर रहेगा।
अगर 50 साल से निवेश करना शुरु करते हैं
50 साल की आयु में आप निवेश करते हैं तो 77 लाख रुपये के इंवेस्टमेंट के साथ, आप रिटायर हो सकते हैं और कम से कम 30 साल की पेंशन की योजना बना सकते हैं।
अगर आप SWP के तहत हर महीने 50,000 रुपये निकालते हैं और 12% का औसत रिटर्न कमाते रहते हैं, तो भी आपके पास 80 वर्ष की आयु तक लगभग 7.8 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह आपके रिटायरमेंट के सालों में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
यानी, जल्दी शुरुआत करके और समझदारी से निवेश करके आप अगले 10 साल बाद आराम से रिटायर हो सकते हैं। म्यूचुअल फंड में हर महीने 23,000 रुपये निवेश करके और SWP के फायदों का लाभ उठाकर, आप अच्छी खासी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं और वित्तीय चिंताओं के बिना अपने रिटायरमेंट का आनंद ले सकते हैं।
कभी भी शुरु कर सकते हैं एसब्लूपी में निवेश
SWP की शुरुआत कभी भी की जा सकती है। इसमें पहला निवेश करते ही इसे शुरू किया जा सकता है। अगर किसी स्कीम में निवेश कर रहे हैं तो आप उसमें SWP विकल्प को एक्टिवेट कर सकते हैं। कभी भी रेगुलर कैश फ्लो की जरूरत के लिए इसे शुरू किया जा सकता है।
SWP एक्टिवेट करने के लिए आपको फोलियो नंबर, विड्रॉल की फ्रीक्वेंसी, पहली निकासी की तारीख, पैसे प्राप्त करने वाले बैंक अकाउंट की जानकारी देनी होती है।
इसमें आप अपना पैसा नियमित अवधि पर निकाल सकते हैं और इससे निवेशक के पास कैश फ्लो बना रहता है और लंबी अवधि के निवेश को निकालने का इंतजार नहीं करना होता। इसके अलाव इसमें कोई लॉकइन पीरियड की टेंशन नहीं रहती है।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications