नयी दिल्ली। कोई भी व्यक्ति निवेश क्यों करता है? इस सवाल का सीधा जवाब है अपने पैसों पर मुनाफा कमाने के लिए। मगर क्या आप जानते हैं कि इस मुनाफे में एक नुकसान छिपा होता है, जो आपकी रिटर्न की दर कम कर सकता है। किसी भी निवेश पर जो आपको रिटर्न मिलता है वो असल रिटर्न नहीं होता। बल्कि रियल रेट ऑफ रिटर्न आपका असली रिटर्न होता है। शायद ये शब्द आप पहली बार सुन रहे हों मगर रियल रेट ऑफ रिटर्न के बारे में आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। यहां हम आपको इसी रियल रेट ऑफ रिटर्न के बारे में बताएंगे।
कैसे करें निवेश
जब भी निवेश करते होंगे तो ऊंची से ऊंची ब्याज दर वाली एफडी या बेहतर से बेहतर रिटर्न देने वाला म्यूचुअल फंड स्कीम चुनते होंगे। मगर इसमें एक फैक्टर जो आपके रिटर्न को कम करता है और वो है महंगाई यानी इंफ्लेशन। रियल रेट ऑफ रिटर्न ही आपको बताता है कि महंगाई को हटा कर आपने अपने मुनाफे पर कितना मुनाफा कमाया है। आइए जानते हैं इसका फॉर्मूला।
ये है फॉर्मूला
आपको जितनी ब्याज दर मिल रही है उसमें से इंफ्लेशन रेट यानी महंगाई दर को घटा कर रियल रेट ऑफ रिटर्न का पता लगाया जा सकता है। उदारहण के लिए यदि आपको एफडी पर 7 फीसदी ब्याज दर मिल रही है और महंगाई दर 3 फीसदी है तो आपका रियल रेट ऑफ रिटर्न 4 फीसदी रह जाएगी। असल में इसे देखिये कि यदि आपके पास 100 रु हैं तो जो चीज आप इतने पैसों में आज खरीद सकते हैं वो कल नहीं खरीद सकेंगे, क्योंकि कल वो महंगी हो जाएगी। इसलिए आपको इन पैसों को ऐसी जगह लगाना होगा जहां इनकी वैल्यू उस चीज की कल आने वाली वैल्यू से ज्यादा बढ़े।
ऐसे होता है घाटा
अकसर ऐसा होता है कि आप किसी ऐसे विकल्प में निवेश कर देते हैं जो आपको इंफ्लेशन रेट से कम मुनाफा दे। जैसे कि इस समय एफडी पर ब्याज दर काफी कम है और महंगाई दर उससे ज्यादा। अब यदि आपको एफडी पर 4.5 फीसदी ब्याज मिले और महंगाई दर है 5.5-6 फीसदी तो आपको निवेश पर एक तरह से घाटा हो रहा है, क्योंकि आपकी रियल रेट ऑफ रिटर्न निगेटिव होगी।
कैसे बचें इस घाटे से
एक्सपर्ट्स इसका सिम्पल फंडा बताते हैं कि आप ऐसी जगह निवेश करें जहां आपको इंफ्लेशन रेट से कम से कम 2-3 फीसदी या इससे ज्यादा रिटर्न मिले। डेब्ट के जितने ऑप्शन हैं उनमें रिटर्न फिक्स होता है। इसलिए उनमें ऊंची ब्याज दर वाले विकल्प चुनें। दूसरी तरफ इक्विटी (शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड) में रिटर्न अच्छा मिल सकता है। इक्विटी में इंफ्लेशन रेट को पछाड़ना आसान है। मगर आपको डेब्ट उपकरणों में पैसा लगाते समय सावधानी बरतनी होगी।
म्यूचुअल फंड है बढ़िया ऑप्शन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इक्विटी में निवेश के लिए म्यूचुअल फंड बढ़िया ऑप्शन है। आप यहां इंफ्लेशन को मात दे सकेंगे और आपका पैसा भी सुरक्षित रहेगा। क्योंकि शेयर बाजार, जो असल में इक्विटी मार्केट है, में आप सीधे निवेश करके तगड़ा जोखिम लेते हैं। वहीं म्यूचुअल फंड में आपका पैसा एक्सपर्ट पूरी रिसर्च के आधार पर निवेश करते हैं।
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