कल यानी 8 अप्रैल को रिजर्व बैंक की MPC बैठक के नतीजे आने वाले हैं और सबकी नजरें इसी पर टिकी हैं। इस फैसले का सीधा असर आपकी होम लोन EMI और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों पर पड़ेगा। मिडिल क्लास बचतकर्ता और कर्ज लेने वाले लोग इस उम्मीद में हैं कि क्या अब ब्याज दरों में गिरावट का दौर शुरू होगा। यह पॉलिसी स्टेटमेंट अगली समीक्षा तक वित्तीय बाजारों की दिशा तय करेगा।
जानकारों का मानना है कि महंगाई पर लगाम कसने के लिए RBI ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर (Rate Pause) रख सकता है। हालांकि, दरों में मामूली बदलाव भी आपके महीने के बजट को प्रभावित कर सकता है। जहां कर्जदार महंगी EMI से राहत चाहते हैं, वहीं बचत करने वाले लोग अपनी जमा पूंजी पर बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं। केंद्रीय बैंक के लिए विकास की रफ्तार और कीमतों में स्थिरता के बीच तालमेल बिठाना सबसे बड़ी चुनौती है।

EMI और FD पर क्या होगा RBI पॉलिसी का असर?
अगर RBI ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है, तो आपकी लोन की किस्तें पहले जैसी ही रहेंगी। लेकिन अगर सरप्राइज के तौर पर रेट कट होता है, तो नए होम लोन लेना सस्ता हो जाएगा। इसके उलट, अगर बैंक नरम रुख का संकेत देते हैं, तो FD की ब्याज दरों में कमी आ सकती है। ऐसे में FD निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे दरों में कटौती होने से पहले मौजूदा ऊंची ब्याज दरों का फायदा उठा लें।
| स्थिति | EMI पर असर | FD पर असर |
|---|---|---|
| ब्याज दरों में कटौती | बोझ कम होगा | रिटर्न घटेगा |
| कोई बदलाव नहीं | किस्तें स्थिर रहेंगी | रिटर्न स्थिर रहेगा |
| ब्याज दरों में बढ़ोतरी | बोझ बढ़ेगा | रिटर्न बढ़ेगा |
PPF जैसी छोटी बचत योजनाओं की दरें अप्रैल से जून तिमाही के लिए स्थिर रखी गई हैं। यह उन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अच्छी खबर है जो टैक्स-फ्री ग्रोथ चाहते हैं। वहीं, डेट फंड निवेशकों के लिए ब्याज दरों में कटौती कैपिटल गेन का मौका ला सकती है। जब बाजार में ब्याज दरें गिरती हैं, तो ये फंड्स काफी अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
SIP और छोटी बचत योजनाओं का भविष्य
इक्विटी SIP में निवेश करने वालों को बाजार के शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव के बजाय अपने लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों पर फोकस करना चाहिए। इस साल ब्याज दरों में गिरावट आने पर डेट फंड SIP को फायदा मिल सकता है। पॉलिसी के आसपास अक्सर बाजार में हलचल बढ़ जाती है, इसलिए जल्दबाजी में अपने निवेश में कोई बदलाव न करें। बेहतर होगा कि आप अपने मंथली इन्वेस्टमेंट प्लान के साथ अनुशासित रहें।
कल सुबह आधिकारिक ऐलान होने से पहले अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग दुरुस्त कर लेना जरूरी है। अपने म्यूचुअल फंड SIP और बैंक डिपॉजिट की समीक्षा करें ताकि वे मौजूदा मार्केट साइकिल के हिसाब से सही हों। सही जानकारी होने पर ही आप भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय फैसले ले पाएंगे। साथ ही, अपने होम लोन के इंटरेस्ट टाइप पर भी नजर रखें ताकि आगे चलकर दरों में होने वाली कटौती का आपको पूरा लाभ मिल सके।
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