RBI MPC Meeting December: 3 दिसंबर 2025 से RBI की मॉनेटरी-पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग शुरू होने वाली है। यह 3 दिन मीटिंग चलेगी, जिसके बाद फैसलों का ऐलान किया जाएगा। इस मीटिंग से पहले लोगों के मन में सवाल है क्या RBI इस बार रेपो रेट में कटौती करेगा या फिर पहले की ही तरह रेपो रेट को स्थिर रखेगा?

आर्थिक संकेत बताते हैं - रेपो रेट इस बार भी नहीं हिलेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI इस बार भी रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत पर ही रख सकता है। इसकी अहम वजह है हाल ही में आए GDP के आंकडे, जिनमें जुलाई से सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की तेज वृद्धि दिखाई दी है। यह आंकड़ा बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रफ्तार से आगे बढ़ रही है।
SBI रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ हफ्ते पहले तक उम्मीद थी कि RBI 25 बेसिस पॉइंट की मामूली कटौती कर सकता है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। तेज GDP ग्रोथ, स्थिर महंगाई और वैश्विक सेंट्रल बैंकों की नीतियों को देखते हुए RBI फिलहाल किसी बदलाव से बच सकता है।
दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं भी 'पॉज मोड' में
अमेरिका, यूरोप और कई एशियाई देशों ने फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के संकेत, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए कई देशों ने ब्याज दरें स्थिर रखी हैं। RBI भी इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी की नीति अपना सकता है।
2025 में अब तक तीन बार हो चुकी है कटौती
रेपो रेट में इस वर्ष अब तक तीन बार कटौती हुई है:
फरवरी 2025: 6.50% → 6.25%
अप्रैल 2025: 6.25% → 6.00%
जून 2025: 6.00% → 5.50%
इसके बाद अगस्त और अक्टूबर की बैठक में RBI ने किसी तरह का बदलाव नहीं किया और रेपो रेट को स्थिर ही रखा।
EMI पर क्या असर पड़ेगा?
अगर दिसंबर की बैठक में कोई बदलाव नहीं हुआ, तो मौजूदा होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की EMI में कोई राहत नहीं मिलेगी। वहीं, अगर आने वाले महीनों में कटौती का सिलसिला फिर शुरू होता है, तो EMI में कुछ कमी देखने को मिल सकती है।
अंतिम फैसला 5 दिसंबर को
सभी की नजरें अब 5 दिसंबर को होने वाली घोषणा पर हैं। अभी के संकेत बताते हैं कि इस बार RBI "वेट एंड वॉच" की नीति पर ही कायम रह सकता है।
सिद्धार्थ मौर्य, संस्थापक और प्रबंध निदेशक, विभवंगल अनुकुलकारा प्राइवेट लिमिटेड के मुताबिक, "RBI इस बार रेपो रेट घटाएगा, इसकी संभावना अब काफी कम दिख रही है. SBI रिसर्च की ताजा रिपोर्ट भी यही संकेत देती है कि महंगाई के कुछ जोखिम और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए MPC अभी सतर्क रुख ही रखेगी. इस साल ज्यादातर बैठकों में रेपो रेट को बिना बदलाव के रखा गया है, इसलिए लगातार स्थिर नीति ही बेस-केस बनी हुई है. अगर रेट कट नहीं हुआ तो EMI में कोई राहत नहीं मिलेगी होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन वही स्तर पर चलेंगे. आम लोगों पर इसका सीधा असर यही है कि उधार सस्ता होने का इंतज़ार थोड़ा और बढ़ जाएगा, जबकि फिक्स्ड-इनकम कमाई स्थिर रहेगी."


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