RBI MPC Meet: 5 साल बाद मिल सकती है खुशखबरी! घटेगी ब्याज दरें? आज होगा ऐलान

RBI MPC Meet: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आज शुक्रवार को बढ़ी खुशखबरी दे सकता है. जल्द ही ब्याज दरों में कटौती को लेकर फैसला दे सकती है. MPC ने 5 फरवरी, 2025 को अपनी हर दो महीने में होने वाली मीटिंग शुरू की, जोकि आज 7 फरवरी को खत्म होगी.

ब्याज दरों में मामूली कमी से लेडर्स के लिए लोन EMI कम हो सकती है. एनलिस्ट का अनुमान है कि ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (BPS) की कटौती की जा सकती है. यह पिछले 5 सालों में पहला मौका होगा जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करेगा.

2 साल से ब्याज दरें स्थिर

फरवरी 2023 से आरबीआई ने अपनी नीतिगत रेपो दर को 6.50% पर बरकरार रखा है. दिसंबर 2024 में हुई पॉलिसी मीटिंग में 6 सदस्यों वाली एमपीसी ने 11वीं बार रेपो दर को बिना बदलाव के रखा था. इसमें महंगाई की चिंताओं की वजह से 6 में से 4 सदस्यों ने मौजूदा दर को बनाए रखने के पक्ष में वोट किया था.

रेपो रेट और उसका असर

रेपो रेट, वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को पैसा उधार देता है. अगर इसमें बढ़ोतरी हुई तो इसका मतलब है कि बैंक हाई रेट पर उधार लेते हैं, जिससे घर, कार और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ जाती हैं, जिससे EMI पर सीधा असर पड़ता है. इसके उलट अगर ब्याज दरें घटाई गई तो इन रेट्स को कम करके खर्च और निवेश को प्रोत्साहित करती है.

RBI MPC Meet

5 साल पहले घटी थी दरें

केंद्रीय बैंक ने मई 2020 में ब्याज दरों में कटौती की थी. दरअसल, कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान इकोनॉमी को सहारा देने के लिए रेपो दर को 0.40% घटाकर 4% कर दिया था. इसका उद्देश्य चुनौतीपूर्ण आर्थिक समय के दौरान राहत प्रदान करना था.

नए आरबीआई गवर्नर से उम्मीदें

यह एमपीसी मीटिंग नए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने दिसंबर में पद संभाला है. उनकी अध्यक्षता में पहली एमपीसी मीटिंग है. संजय मल्होत्रा से पहले शक्तिकांत दास गर्वनर रहे, जिन्होंने दो साल तक स्थिर ब्याज दरें बनाए रखीं.

होमलोन ईएमआई का बोझ होगा कम?

ब्लूमबर्ग सर्वे के मुताबिक केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती का अनुमान जताया है. रेपो दर पर RBI के फैसलों का असर होम लोन की ब्याज दरों पर असर पड़ता है. अगर RBI रेपो दर बढ़ाता है, तो बैंक अपने लोन की दरें बढ़ा देते हैं, जिससे होम लोन और भी महंगे हो जाते हैं. इसके उलट अगर आरबीआई रेपो दर कम कर देता है, तो बैंक अपनी लोन रेट्स कम कर सकते हैं, जिससे होम लोन सस्ता हो जाएगा और खरीदारों के लिए ज्यादा आसान हो जाएगा.

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