Home Loan EMI; Interest Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद से तमाम बैंक भी अब बारी-बारी से ब्याज दरों में कटौती कर रही हैं। इसी कड़ी में सरकारी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपना रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) कम कर दिया है। यह कटौती भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के एक दिन बाद की गई है।

शनिवार (6 दिसंबर) को स्टॉक एक्सचेंज में फाइलिंग में PNB ने बताया कि वह तुरंत अपने RLLR में बदलाव कर रहा है। उसने कहा कि PNB RLLR को 8.35% से घटाकर 8.10% कर दिया गया है, जिसमें 10 बेसिस पॉइंट का BSP भी शामिल है। हालांकि, PNB का मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) और बेस रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बता दें कि RBI ने 5 दिसंबर को मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा करते हुए रेपो रेट को 0.25 फीसदी (25 बेसिस पॉइंट) कटौती की घोषणा की थी। इसके साथ रेपो रेट घटकर 5.25 फीसदी पर आई गई।
PNB के क्या कहा?
PNB ने अपने नोटिफिकेशन में कहा, "RBI द्वारा रेपो रेट में कमी के बाद बैंक ने अपने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.35% (10 bps का BSP सहित) से बदलकर 8.10% (10 bps का BSP सहित) कर दिया है।"
PNB RLLR रेट कट का क्या मतलब है?
PNB RLLR रेट में 25 bps की कटौती का मतलब है कि अगर आपका होम लोन RBI रेपो रेट से लिंक है, तो आपकी होम लोन की ब्याज दर कम हो जाएगी। इसका मतलब है कि आपको अपने होम लोन पर कम EMI देनी होगी। RLLR के लिए रीसेट पीरियड आमतौर पर तीन महीने का होता है। इसका मतलब है कि अगर आपकी EMI अक्टूबर में शुरू हुई थी, तो होम लोन रेट में असरदार कटौती जनवरी में होगी।
RRLR क्या होता है?
सभी बैंक अपने ग्राहकों को होम लोन निश्चित (फिक्स्ड) या परिवर्तनीय (फ्लोटिंग) ब्याज दरों पर देते हैं। यदि होम लोन की ब्याज दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रेपो रेट से सीधी जुड़ी हो, तो उसे रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) कहा जाता है। RBI ने अक्टूबर 2019 में एक सर्कुलर जारी कर बैंकों के लिए अपने सभी रिटेल लोन को बाहरी बेंचमार्क लेंडिंग रेट (E-BLR) से लिंक करना अनिवार्य किया था, जिसके बाद अधिकांश बैंकों ने रेपो रेट को ही अपना बेंचमार्क बनाया है।


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