1 नवंबर की तारीख आ चुकी है और PPF व सुकन्या समृद्धि खातों में इस महीने का ब्याज पाने के लिए 5 दिन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अगर आप नवंबर का पूरा ब्याज हासिल करना चाहते हैं, तो 5 नवंबर तक पैसा आपके अकाउंट लेजर में क्रेडिट हो जाना चाहिए। आज संडे होने के बावजूद आप नेटबैंकिंग, UPI, IMPS, NEFT या IPPB के ज़रिए आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। किसी भी तरह की प्रोसेसिंग देरी से बचने के लिए समय रहते यह काम निपटा लें।
दरअसल, इन योजनाओं में ब्याज का हिसाब महीने की 5 तारीख के अंत से लेकर महीने की आखिरी तारीख के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर लगाया जाता है। यानी 5 नवंबर तक जमा हुई रकम पर ही पूरे महीने का ब्याज मिलेगा, जबकि इसके बाद जमा की गई राशि पर नवंबर महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। अभी अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही के लिए PPF पर 7.1 प्रतिशत और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है।

PPF/SSY में तुरंत पैसे जमा करने के सबसे तेज़ तरीके
अगर आपका PPF खाता किसी बैंक में है, तो तुरंत क्रेडिट के लिए उसी बैंक के खाते से ट्रांसफर, UPI या IMPS का इस्तेमाल करें। NEFT की सुविधा भी 24 घंटे उपलब्ध है, लेकिन इसमें पैसा हर आधे घंटे के बैच में प्रोसेस होता है। वहीं पोस्ट ऑफिस के PPF या सुकन्या खाते में पैसे भेजने के लिए IFSC कोड IPOS0000DOP और अपना स्कीम अकाउंट नंबर डालकर NEFT करें। इसके अलावा आप DoP इंटरनेट बैंकिंग या IPPB ऐप के 'DoP Product Payment' ऑप्शन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
बैंक बनाम पोस्ट ऑफिस: क्रेडिट टाइमलाइन और कट-ऑफ नियम
ध्यान रखें, ब्याज किस तारीख से मिलेगा यह इस बात से तय होता है कि पैसा खाते में कब क्रेडिट हुआ, न कि इस बात से कि आपने ट्रांसफर कब शुरू किया। इसलिए 5 नवंबर तक अकाउंट लेजर में क्रेडिट होने का लक्ष्य रखें। एक ही बैंक के बीच ट्रांसफर, UPI और IMPS से पैसा तुरंत जमा हो जाता है; NEFT भी तेज़ है पर बैच-बेस्ड काम करता है। अगर पोस्ट ऑफिस के PPF या सुकन्या खाते में पिछले किसी साल का डिफ़ॉल्ट (न्यूनतम राशि जमा न होना) है, तो डिजिटल ट्रांसफर फेल हो सकता है। डाक विभाग के आदेशानुसार, ऐसे डिफ़ॉल्ट को किसी CBS पोस्ट ऑफिस जाकर पहले ठीक कराएं। साथ ही, 80C के तहत टैक्स छूट के लिए रसीद संभालकर रखें।
5 तारीख की डेडलाइन छूटी? समझें ब्याज के नुकसान का गणित
| जमा राशि | वार्षिक दर | एक महीने के ब्याज का नुकसान |
|---|---|---|
| ₹1,50,000 (PPF) | 7.1% | ~₹888 |
| ₹1,50,000 (SSY) | 8.2% | ~₹1,025 |
डेडलाइन चूकने पर उस महीने जमा की गई पूरी रकम पर एक महीने के ब्याज का सीधा नुकसान होता है। मोटे तौर पर एक महीने का नुकसान जानने के लिए सालाना ब्याज दर को 12 से भाग देकर देख सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर ₹1.5 लाख की रकम नवंबर में 5 तारीख के बाद जमा होती है, तो उस पर उस महीने कोई ब्याज नहीं मिलेगा। 7.1 प्रतिशत की दर से यह नुकसान लगभग ₹888 और 8.2 प्रतिशत की दर से करीब ₹1,025 बैठता है। इसलिए बिल्कुल देरी न करें; तुरंत ट्रांसफर करें, खाते में क्रेडिट होने की पुष्टि करें और रसीद सुरक्षित रख लें।


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