PPF Interest Rate : पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) उन निवेशकों को आकर्षित करता है जो गारंटीड और टैक्स-फ्री रिटर्न की तलाश में हैं। हालांकि, पीपीएफ ब्याज दरों में 2013 से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। जबकि 2014 में पीपीएफ निवेश की सीमा 1 लाख रुपये प्रति वर्ष से बढ़ा कर 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी गई थी, मगर ब्याज दर 8.8 प्रतिशत से 1.7 प्रतिशत घटा कर 7.1 प्रतिशत कर दी गयी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ये गिरावट 2013 से 2022 तक आई है। आगे जानते हैं कि कब कब पीपीएफ की ब्याज दरें घटाई गयी हैं।
तिमाही आधार पर ब्याज दरों की समीक्षा
वित्त मंत्रालय की तरफ से तिमाही आधार पर पीपीएफ ब्याज दर की समीक्षा की जाती है। फिर इनमें संशोधन किया जाता है। वित्त वर्ष 2022-23 की अगली तिमाही के लिए ब्याज दर की घोषणा दिसंबर 2022 के अंत तक की जाएगी।
कब-कब घटी ब्याज दर
2013 में पीपीएफ ब्याज दर
01.04.2012 से 31.03.2013 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर 8.8 फीसदी थी। मगर तब इसमें अधिकतम निवेश की सीमा 1 लाख रुपये प्रति वर्ष थी।
2014 में पीपीएफ ब्याज दर
01.04.2013 से 31.03.2014 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर 8.7 फीसदी रही। तब भी पीपीएफ में निवेश की सीमा 1 लाख रुपये प्रति वर्ष थी। वहीं 01.04.2014 से 31.03.2016 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर 8.7 फीसदी रही। मगर तब तक पीपीएफ में निवेश की सीमा प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये हो गयी थी।
2015 और 2016 में पीपीएफ ब्याज दर
01.04.2016 से 30.09.2016 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर को फिर कम किया गया और घटा कर 8.1 फीसदी कर दिया गया, जबकि निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष बरकरार रही।
2017 में कहां पहुंची पीपीएफ की ब्याज दर
01.10.2016 से 31.03.2017 के बीच पीपीएफ ब्याज दर को और घटाया गया। तब इसे कम करके 8 फीसदी कर दिया गया। उस समय भी पीपीएफ में निवेश की सीमा प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये थी। फिर 01.04.2017 से 30.06.2017 के लिए पीपीएफ ब्याज दर और कम होकर 7.9 फीसदी रह गयी। इसके बाद 01.07.2017 से 30.09.2017 के दौरान पीपीएफ ब्याज दर को और घटाया गया और इसे 7.8 फीसदी कर दिया गया।
2018 में पीपीएफ ब्याज दर कितनी थी
01.01.2018 से 30.09.2018 के बीच पीपीएफ ब्याज दर को घटा कर 7.6 फीसदी किया गया। निवेश सीमा तब भी 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष थी। फिर 2019 में 1.10.2018 से 30.06.2019 के बीच पीपीएफ ब्याज दर को बढ़ाया गया। उस समय पीपीएफ की ब्याज रदर को बढ़ाकर 8 फीसदी किया गया। निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष ही रही।
2020 में पीपीएफ ब्याज दर
01.07.2019 से 31.03.2020 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर को फिर से कम कर दिया गया। तब इसे 7.9 फीसदी तक घटा दिया गया था। उस समय भी निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष थी।
2021 और 2022 में ब्याज दर
पीपीएफ की ब्याज दर 01.04.2020 से अब तक नहीं बदली है और यह 7.1 फीसदी पर ही बरकरार है। वहीं निवेश की सीमा भी 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष पर ही है।
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