नयी दिल्ली। हर महीने के खर्चे और महंगाई को देखते हुए आज के समय में रिटायर होने के समय अधिकतर लोग 1 करोड़ रु का फंड चाहते हैं। उनकी ये इच्छा होती है जिस समय वे रिटायर हों तो उनके हाथ में 1 करोड़ रु हो। कुछ मदद तो ऐसे लोगों को ईपीएफ फंड से मिल जाएगी। मगर फंड का बाकी हिस्सा जॉब करते हुए निवेश करके ही बनाया जा सकता है। वैसे अगर हम ईपीएफ से हट कर बात करें तो पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) एक ऐसा ऑप्शन है जो अकेले ही 1 करोड़ रु का फंड तैयार करने में आपकी मदद कर सकता है। मगर यहां शर्त ये है कि आपको बहुत जल्द निवेश करना होगा और लंबे समय तक लगातार निवेश जारी रखना होगा। ध्यान रहे कि सिर्फ पीपीएफ में निवेश ही काफी नहीं है, बल्कि आपको एक खास ट्रिक अपनानी होगी। आइए जानते हैं कि कैसे आप पीपीएफ में निवेश करके 1 करोड़ रु का फंड आसानी से बना सकते हैं।
बेहद पसंदीदा ऑप्शन है पीपीएफ
पीपीएफ स्कीम लंबे समय तक निवेश करने के मामले में सबसे ज्यादा लोकप्रिय ऑप्शन है। इसके जरिए बचत और निवेश बहुत आसान है। इस योजना पर 7.1 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर मिलती है। भारत सरकार द्वारा समर्थित होने की वजह से ये बेहद सुरक्षित है। तीसरी अच्छी बात कि इसका रिटर्न पूरी तरह से टैक्स फ्री है। बल्कि आपके द्वारा किया जाने वाला निवेश, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि सब कुछ ही टैक्स फ्री है।
कितना मिलेगा टैक्स बेनेफिट
नियमों के अनुसार पीपीएफ खाते में किसी वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक का निवेश टैक्स फ्री रहेगा। मतलब कोई व्यक्ति पीपीएफ खाते में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आयकर छूट का लाभ उठा सकता है। पीपीएफ की मैच्योरिटी अवधि 15 वर्ष है। हालांकि पीपीएफ खाते को 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है।
नहीं है कोई सीमा
ध्यान दें कि पीपीएफ खाते के विस्तार की कोई सीमा नहीं है। हालांकि खाताधारक को हर बार 5 साल में एक बार विस्तार करने के लिए फॉर्म-एच जमा करना होगा। उदाहरण के लिए पीपीएफ खाताधारक 25 साल के लिए निवेश करना चाहे तो उसे निवेशक पीपीएफ खाता खोलने के 15 और 20 साल बाद दो बार फॉर्म-एच जमा करना होगा।
ऐसे बनिए करोड़पति
मान लीजिए कि आपको 15 वर्ष की पूर्ण मैच्योरिटी अवधि के लिए 7.1 प्रतिशत औसत रिटर्न मिलेगा। अब अगर कोई निवेशक हर वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपये (प्रति माह 12,500 रुपये) निवेश करता है तो पीपीएफ कैलकुलेटर के अनुसार 15 वर्ष बाद मैच्योरिटी राशि होगी 40,68,210 रु। हालांकि पीपीएफ में निवेश करके करोड़पति बनने के लिए केवल 15 साल काफी नहीं हैं। लेकिन पीपीएफ में विस्तार सुविधा मिलती है तो आप अपने खाते को आगे बढ़ा सकते हैं और करोड़पति बनने तक योगदान जारी रख सकते हैं। यही वो ट्रिक है। मैच्योरिटी अवधि के समय फॉर्म-एच जमा करके मैच्योरिटी अवधि को 15 वर्ष के बाद 5-5 साल के लिए 2 बार आगे बढ़ाएं। अगर कोई निवेशक 25 साल तक हर साल 1.5 लाख रुपये का निवेश करता रहता है तो पूरी अवधि के लिए ब्याज की दर 7.1% पर स्थिर रहने पर मैच्योरिटी राशि 1,02,40,260 रुपये होगी।


Click it and Unblock the Notifications