नई दिल्ली, अप्रैल 24। पब्लिक प्रोविडेंट फंड या पीपीएफ सरकारी और उन छोटी बचत योजनाओं में से एक है जो अच्छा जोखिम-मुक्त रिटर्न सुनिश्चित करती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जोखिम मुक्त रिटर्न आयकर से भी फ्री होता है। पीपीएफ एक लंबी अवधि वाला डेब्ट निवेश ऑप्शन है, जो कि छूट-छूट-छूट (ईईई) श्रेणी में आता है। इस ईईई का अर्थ है कि इसमें निवेश करना टैक्स फ्री है, मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री है और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री है। पीपीएफ के सबसे बड़े लाभों में से एक यह है कि यह गारंटीड टैक्स फ्री रिटर्न प्रदान करता है, जो आपको अन्य लंबी अवधि के निवेश साधनों जैसे एनपीएस, म्यूचुअल फंड एसआईपी आदि में नहीं मिल सकता है। हालांकि जीवन बीमा उत्पाद टैक्स फ्री रिटर्न प्रदान करते हैं, मगर उनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती, जबकि पीपीएफ में रिटर्न की गारंटी होती है। पीपीएफ आपको करोड़पति भी बना सकता है।
कितनी है निवेश की सीमा
पीपीएफ जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक निवेश विकल्पों में से एक है। पीपीएफ नियमों के अनुसार, हर साल 1.5 लाख रुपये तक का निवेश आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के तहत कर कटौती के लिए योग्य होता है। इतनी ही इसमें सालाना निवेश की लिमिट भी होती है। पीपीएफ का रिटर्न अन्य निश्चित निवेश उत्पादों की तुलना में अधिक होता है। इसलिए यह लंबे समय में मुद्रास्फीति को हराने वाला रिटर्न जनरेट कर सकता है।
कितनी है ब्याज दर
सरकार द्वारा हर तिमाही में पीपीएफ ब्याज को संशोधित किया जाता है। मगर ये जरूरी नहीं कि इसमें बढ़ोतरी या इजाफा किया जाए। चालू तिमाही के लिए पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की ब्याज दर है। अगर हम यह मान लें कि पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की वर्तमान ब्याज दर लंबी अवधि में स्थिर रहती है, तो कोई व्यक्ति अपने रिटायरमेंट के समय तक 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा कर सकता है।
मैच्योरिटी अवधि आगे बढ़ाएं
पीपीएफ की मैच्योरिटी अवधि 15 साल है। हालांकि, पीपीएफ का एक और बड़ा फायदा यह है कि पीपीएफ खाते को उसकी बेसिक निवेश अवधि के समाप्त होने के बाद कई बार पांच साल के ब्लॉक तक बढ़ाया जा सकता है। इस लाभ के कारण कोई इसे रिटायरमेंट जैसे लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए उपयोग में ला सकता है।
कैसे करें प्लानिंग
अगर आप 25-30 साल की उम्र के बीच पीपीएफ खाता खोलते हैं और हर महीने 12,500 रुपये (सालाना 1.5 लाख रुपये) का निवेश करते हैं, तो 15 साल में यह मान कर कि ब्याज दर अपरिवर्तित रहती है, आपने 40.68 लाख रुपये जमा किए होंगे।
ऐसे मिलेंगे 1.03 करोड़ रु
यदि आप खाते को 5 साल के ब्लॉक से दो बार आगे बढ़ाते हैं, तो आप सेवानिवृत्ति से पहले 35 साल की निवेश अवधि आसानी से पूरी कर सकते हैं। 25 साल के लिए सालाना 1.5 लाख रुपये का निवेश करने के बाद, आपकी मैच्योरिटी राशि 1,03,08,012 करोड़ रुपये होगी, यह मानते हुए कि ब्याज 7.1% पर अपरिवर्तित रहती है। पीपीएफ कैलकुलेटर के अनुसार, इस 1.03 करोड़ रुपये में से आपके द्वारा जमा की गई राशि 37,50,000 रुपये होगी, जबकि अर्जित ब्याज 65,58,012 रुपये होगा।


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