यदि आप लॉन्ग टर्म के निवेश की सोच रहे हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) एक अच्छा विकल्प है। इसमें महज 500 रुपये से निवेश कर सकते हैं। इसमें अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं।
नई दिल्ली, फरवरी 25। यदि आप लॉन्ग टर्म के निवेश की सोच रहे हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) एक अच्छा विकल्प है। इसमें महज 500 रुपये से निवेश कर सकते हैं। इसमें अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। खास बात यह है कि आपको टैक्स बचाने के लिए कोई खास मशक्कत नहीं करनी होती है। सिर्फ पीपीएफ खाते में हर साल पैसे जमा कीजिए और बच गया आपका टैक्स। टैक्स फायदों की बात करें तो यह निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट देता है। वहीं ब्याज आय पर और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर भी टैक्स नहीं चुकाना होता है। तो अगर आपका पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) खाता बंद हो गया है तो इसे जल्द से जल्द शुरू करवा लेना चाहिए। इनएक्टिव पीपीएफ खाते की वजह से आपको कई नुकसान हो सकते हैं। सबसे पहले यह जानते हैं कि पीपीएफ खाता इनएक्टिव क्यों हो जाता है।

इस वजह से बंद होता है पीपीएफ खाता
पीपीएफ खाते में खाताधारक को हर साल कम से कम 500 रुपये डालने पड़ते हैं। यहां यह ध्यान रखना जरूरी होता है कि आपको लगातार 15 साल तक लगातार निवेश करना होता है। साथ ही खाता निष्क्रिय होने के चलते आपको पीपीएफ के जरिए मिलने वाले अन्य लाभ भी प्राप्त नहीं हो पाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपना निवेश जारी रखें। कई बार लोग किसी वजह से खाते में न्यूनतम राशि भी नहीं डाल पाते जिसकी वजह से खाता बंद जाता है।
खाता बंद होने पर ये हैं नुकसान
- दरअसल, पीपीएफ खाते में जमा रकम पर लोन लिया जा सकता है। लेकिन अगर आपका पीपीएफ खाता इनएक्टिव हो गया है तो, आपको ये लाभ भी नहीं मिल पाएगा।
- साथ ही खाताधारक बंद पड़े पीपीएफ खाते के अलावा कोई अन्य पीपीएफ अकाउंट खुलवाना चाहते हैं तो इसकी इजाजत नहीं मिलेगी, क्योंकि ऐसा कोई नियम नहीं है। किसी एक व्यक्ति के दो पीपीएफ खाते नहीं हो सकते हैं। इसलिए आपको अपना पुराना खाता फिर से चालू करना होगा।
ऐसे दोबारा शुरू करा सकते हैं पीपीएफ खाता
- पीपीएफ खाता दोबारा शुरू करवाने का प्रोसेस ज्यादा मुश्किल नहीं है।
- पीपीएफ खाता फिर से चालू करने के लिए आपको उस बैंक या डाक घर में जाना होगा जहां यह खुला है।
- आपको यहां खाता दोबारा चालू कराने के लिए एक फॉर्म भरना होगा।
- फॉर्म भरने के बाद आपको एरियर (बकाया रकम) का भुगतान करना होगा। इसका मतलब यह है कि जितने वर्षों में आपने भुगतान नहीं किया है, उनमें हर वर्ष के लिए 500 रुपये का मिनिमम पेमेंट करना होगा।
- इस भुगतान के साथ आपको हर साल के हिसाब से 50 रुपये की पेनाल्टी भी देनी होगी।
ऐसे लगाएं पैनाल्टी और एरियर का हिसाब
पीपीएफ के मामले में पैनाल्टी और एरियर का हिसाब सीधा सरल है। माल लें कि आपका पीपीएफ खाता 4 साल से बंद है। तो आपको चार साल के हिसाब से 2000 रुपये एरियर अदा करने होंगे। इसके साथ ही आपको 200 रुपये की पैनाल्टी जमा करनी होगी। ऐसा करने पर आपका पीपीएफ खाता दोबारा एक्टिवेट हो जाएगा।


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