पोस्ट ऑफिस में अगर आप भी निवेश करते है तो ये खबर आपके लिए है। 1 अप्रैल से पोस्ट ऑफिस ने अपने खास नियम में कुछ बदलाव करने जा रहा है।
नई दिल्ली, मार्च 7। पोस्ट ऑफिस में अगर आप भी निवेश करते है तो ये खबर आपके लिए है। 1 अप्रैल से पोस्ट ऑफिस ने अपने खास नियम में कुछ बदलाव करने जा रहा है। पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में इनवेस्ट करने वाले ग्राहकों के लिए भारतीय डाक से बड़ी अपडेट सामने आ रही है।

1 अप्रैल से बदल जाएगा पोस्ट ऑफिस का ये नियम
अगर आप भी छोटी बचत योजनाओं निवेश करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह खबर आपको पढ़नी चाहिए। 1 अप्रैल 2022 से खाताधारक पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम और टर्म डिपॉजिट अकाउंट्स पर मिलने वाली ब्याज की राशि को कैश में नहीं निकाल पाएंगे। नए नियम के अनुसार ग्राहकों के लिए एमआईएस, एससीएसएस टाइम डिपॉजिट खातों के मामले में मासिक, त्रैमासिक, वार्षिक ब्याज जमा करने के लिए बचत खाते के उपयोग को अनिवार्य कर दिया गया है। यानि छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले व्यक्ति को अनिवार्य रूप से पोस्ट ऑफिस बचत खाता या बैंक खाता खोलना होगा। HDFC Bank में ऐसे खोलें बेटियों का ये खास अकाउंट, मिलगें कई फायदे
कमाए ब्याज को कैश में नहीं निकाल पाएंगे
एमआईएस, एससीएसएस टाइम डिपॉजिट खातों पर ब्याज केवल खाताधारक के पोस्ट ऑफिस बचत खाते या बैंक खाते में 1 अप्रैल 2022 से जमा किया जाएगा। अगर कोई खाताधारक 31 मार्च, 2022 तक बचत खाते को एमआईएस, एससीएसएस, टाइम डिपॉजिट खातों से लिंक नहीं कर पात हैं तो बकाया ब्याज का भुगतान केवल पीओ बचत खाते में क्रेडिट या चेक द्वारा किया जाएगा। मिली रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल 2022 से मंथली इनकम स्कीम, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना खाता या टाइम डिपॉजिट खाते से कैश में ब्याज भुगतान की अनुमति नहीं होगी।
ब्याज का भुगतान जानिए कब-कब होता
5 वर्षीय मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) के तहत ब्याज भुगतान केवल मासिक आधार पर होता है जबकि 5 वर्षीय सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम अकाउंट (एससीएसएस) में ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर होता है। टाइम डिपॉजिट खाते में ब्याज का भुगतान केवल वार्षिक आधार पर होता है।
बचत खाते को एमआईएस, एससीएसएस, टाइम डिपॉजिट खातों से जोड़ने का प्रोसेस
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट- पोस्ट ऑफिस बचत खाते के मामले में खाताधारक एमआईएस, एससीएसएस, टाइम डिपॉजिट खातों को जोड़ने के लिए ऑटोमेटिक ट्रांसफर की सुविधा का लाभ उठा सकता है। जहां तक बैंक खाते की बात है तो इस मामले में जमाकर्ता को ब्याज राशि जमा करने के लिए एक कैंसिल चेक या बैंक खाते की पासबुक के पहले पृष्ठ की प्रति के साथ ईसीएस मैंडेट फॉर्म जमा करना होगा।
बचत खाते को एमआईएस, एससीएसएस, टाइम डिपॉजिट खाते से लिंक करने के फायदे
- एमआईएस, एससीएसएस, टाइम डिपॉडिट खातों से सीधे ब्याज की निकासी नहीं की जाती है तो बचत खातों में जमा ब्याज पर अतिरिक्त ब्याज मिलेगा।
- जमाकर्ता पोस्ट ऑफिस में गए बिना ड्यू इंट्रेस्ट निकाल सकते हैं और अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से उसका उपयोग कर सकते हैं।
- प्रत्येक एमआईएस, एससीएसएस, टाइम डिपॉजिट खातों के लिए कई निकासी फॉर्म भरने से बचा जा सकता है।
- जमाकर्ता अपने एमआईएस, एससीएसएस, टाइम डिपॉजिट खातों से पोस्ट ऑफिस बचत खाते के माध्यम से रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खाते में ब्याज राशि के ऑटोमेटिक क्रेडिट की सुविधा का फायदा उठा सकते हैं।


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