Govt Scheme; Post Office Schemes : आज के समय में हर कोई अपनी-अपनी जानकारी और आर्थिक क्षमता के अनुसार, किसी न किसी स्कीम में निवेश करता है। मौजूदा दौर में निवेश के भी कई सारे ऑप्शन उपलब्ध हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में लोग कभी-कभी गलत स्कीम का चुनाव कर लेते हैं और फिर उनके मन-मुताबिक उन्हें रिटर्न नहीं मिल पाता है।

सरकार की ओर से भी अलग-अलग प्लैटफॉर्म पर कई तरह के निवेश स्कीम ऑफर किए जा रहे हैं। अगर आप निवेश कर मोटी कमाई करना चाहते हैं पोस्ट ऑफिस की योजनाएं बेहतर साबित हो सकती हैं। आज हम आपको पोस्ट ऑफिस से जुड़ी एक स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें कम पैसे में ज्यादा रिटर्न की गारंटी पक्की है। साथ ही इसमें जोखिम कम है।
हम यहां जिस स्कीम के बारे में आपको बताने जा रहे हैं उसका नाम पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office Time Deposit - POTD) है। इस स्कीम को आप चाहें तो लंबे समय के लिए गारंटीड रिटर्न वाला फंड बना सकते हैं।पोस्ट ऑफिस की टर्म डिपॉजिट स्कीम एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह स्कीम FD की तरह ही काम करती है।
कितना मिलेगा रिटर्न?
इस स्कीम में निवेशकों को 6.9 फीसदी से 7.5 फीसदी की ब्याज दर से रिटर्न मिलता है। वहीं दूसरी तरफ, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक महिंद्रा जैसे देश के प्रमुख सरकारी प्राइवेट बैंक FD पर सालाना 6.6 फीसदी की ब्याज दर से रिटर्न दे रहे हैं। यानी अन्य जगहों के मुकाबले पोस्ट ऑफिस के इस स्कीम में आपको ज्यादा रिटर्न मिल रहे हैं।
कितने समय के लिए कर सकते हैं निवेश?
इस स्कीम में आप अपने पैसों को 1 से 5 साल तक की अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office Time Deposit) योजना के तहत निवेशक अलग-अलग टैन्योर के लिए इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। एक साल के लिए निवेश करने पर 6.9 फीसदी का ब्याज मिलता है, जबकि 2 या 3 साल के लिए पैसे इन्वेस्ट करने पर 7 फीसदी की दर तय की गई है। वहीं 5 साल के लिए पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश करते हैं, तो फिर इन्वेस्टर्स को 7.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है।
निवेशक को टैक्स छूट से भी मिलता है लाभ
पोस्ट ऑफिस की 5 साल की एफडी पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। हालांकि, इंटरेस्ट इनकम दोनों ही मामलों में टैक्स योग्य होती है। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में किसी भी तरह का कोई जोखिम नहीं है और गारंटी के साथ रिटर्न मिलता है।
वहीं, अगर सिंगल अकाउंट होल्डर की मौत हो जाती है या जॉइंट अकाउंट में सभी अकाउंट होल्डर्स की मौत हो जाती है, तो जमा रकम Nominee या कानूनी वारिस को मिल जाता है।
More From GoodReturns

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!



Click it and Unblock the Notifications