नई दिल्ली, जुलाई 1। अगर आप पोस्ट ऑफिस की स्कीमों में पैसा निवेश करते हैं या करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। सरकार ने 2021 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके साथ ही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें वहीं रहेंगी, जो 2021 की अप्रैल से जून तिमाही के लिए थी। बता दें कि एफडी जैसे अन्य निवेश ऑप्शनों पर घटती ब्याज दरों के मद्देनजर पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव न किया जाना रेगुलर इनकम वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। बता दें कि जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरों में कटौती का अनुमान लगाया जा रहा था। मगर ब्याज दरों में कटौती न होना निवेशकों के लिए खुशखबरी है। आगे जानते हैं सभी स्कीमों की ब्याज दरें और जानिए कि आपका पैसा कितने महीनों में डबल हो सकता है।
पोस्ट ऑफिस स्कीमों की ब्याज दरें
इस समय सुकन्या समृद्धि स्कीम 7.6 प्रतिशत, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम 7.4 प्रतिशत, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) 7.1 प्रतिशत, किसान विकास पत्र (केवीपी) 6.9 प्रतिशत, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) 6.8 प्रतिशत, मासिक इनकम स्कीम (एमआईएस) 6.6 प्रतिशत, पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट 4 प्रतिशत, पोस्ट ऑफिस रिकेरिंग डिपॉजिट (आरडी) 5.8 प्रतिशत और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम 7.4 प्रतिशत ब्याज दर है।
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर ब्याज दरें
अन्य स्कीमों में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (टीडी) पर 1 साल के लिए 5.5 प्रतिशत, 2 साल पर 5.5 प्रतिशत, 3 साल पर 5.5 प्रतिशत और 5 साल पर 6.7 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा।
किसान विकास पत्र
जिस योजना की हम बात कर रहे हैं वो है किसान विकास पत्र (केवीपी)। इस योजना में मौजूदा ब्याज दर 6.9 फीसदी है। यह ब्याज दर 1 अप्रैल 2020 से लागू है और अब जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए भी जारी रहेंगी। बता दें कि इस ब्याज दर पर केवीपी में आपके द्वारा जमा किया गया पैसा 124 महीने (10 साल और 4 महीने) में दोगुना हो जाएगा। इस योजना में आपका पैसा गारंटीड दोगुना हो जाएगा। अच्छी बात यह है कि सरकारी स्कीम होने के नाते आपका पैसा सुरक्षित भी रहेगा।
अब कब बदल सकती हैं ब्याज दरें
गौरतलब है कि पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा अब सितंबर 2021 के आखिर में होगी। तब 2021 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों पर फैसला होगा। पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज की समीक्षा हर तिमाही में होती है। आज से नई तिमाही शुरू होने जा रही है, इसलिए कल ही दरों का ऐलान कर दिया गया।
कैसे फिक्स की जाती हैं ब्याज दरें
जैसा कि हमने बताया कि सरकार द्वारा हर तीन महीनों में छोटी बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को तय करने का फॉर्मूला श्यामला कमेटी ने दिया था। कमेटी ने यह सुझाव दिया था कि विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दर समान परिपक्वता अवधि वाले सरकार के बॉन्ड्स के यील्ड से 0.25 फीसदी से लेकर 1 फीसदी अधिक होना चाहिए।


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