नई दिल्ली, सितंबर 4। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम)' नाम से एक सरकारी योजना शुरू की है। केंद्र सरकार एक निश्चित आयु में पहुंचने के बाद उन लोगों को नियमित पेंशन देती है, जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इन लोगों को अधिकतम मासिक 3000 रु पेंशन मिलती है। इसके लिए बेहद कम प्रीमियम अदा करना होता है।
किन लोगों को होता है फायदा
यह योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र से जुड़े मजदूरों के लिए एक पेंशन योजना है। यह योजना पीयूष गोयल द्वारा फरवरी 2019 में संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए शुरू की गई थी। यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को न्यूनतम 3,000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन ऑफर करती है। इस योजना के लिए 18 से 40 साल के लोग आवेदन कर सकते हैं।
कितने प्रीमियम पर मिलेंगे 3000 रु
इस योजना के लिए आवेदन करते समय श्रमिकों को आधार कार्ड और बचत बैंक खाते की आवश्यकता होती है। यदि ग्राहक 18 वर्ष की आयु में इस योजना में प्रवेश करता है, तो उसे रिटायरमेंट पर मासिक पेंशन के रूप में 3,000 रुपये प्राप्त करने के लिए सिर्फ 55 रुपये मासिक का योगदान करना होगा। यह एक स्वैच्छिक और निवेश पेंशन योजना है। पेंशन मिलने के दौरान, यदि निवेशक की मृत्यु हो जाती है, तो लाभार्थी की पति या पत्नी को प्राप्त होने वाली पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
सिर्फ पति या पत्नी को मिलेगी पेंशन
यह ध्यान देने वाली बात यह है कि पारिवारिक पेंशन केवल पति या पत्नी पर लागू होती है। यदि किसी लाभार्थी ने नियमित योगदान दिया है और किसी भी कारण से 60 वर्ष की आयु से पहले उसकी मृत्यु हो गई है, तो उसके पति या पत्नी को नियमित योगदान के भुगतान के साथ योजना में शामिल होने और उसे जारी रखने या बाहर निकलने की सुविधा मिलती है। आप इस योजना के लिए किसी करीबी सीएससी यानी कॉमन सर्विस सेंटर पर जा कर आवेदन कर सकते हैं।
मिलेगी ऑटो डेबिट फैसिलिटी
इस योजना में ग्राहक का योगदान उसके बचत बैंक खाते या जन-धन खाते से 'ऑटो-डेबिट' सुविधा के माध्यम से काट लिया जाएगा। यानी आप खुद से पैसे जमा करने के झंझट और तारीख याद रखने से बच जाएंगे। सब्सक्राइबर को इस योजना में शामिल होने की उम्र से 60 साल की उम्र तक निर्धारित राशि का योगदान करना आवश्यक है। इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा लाभार्थी के अंशदान के साथ-साथ उतनी ही राशि का अंशदान किया जाता है। यानी जितना पैसा आप जमा कराएंगे उतना ही पैसा सरकार भी जमा करेगी।
लगता है जुर्माना
यदि लाभार्थी 20 वर्ष की आयु में योजना में प्रवेश करता है, तो उसे 60 वर्ष की आयु तक 61 रुपये प्रति माह का योगदान करना आवश्यक है और नियम के अनुसार केंद्र सरकार भी उसके खाते में हर महीने 61 रुपये की समान राशि का योगदान करेगी। एक महीने में प्रति व्यक्ति कुल योगदान 122 रुपये होगा। एक और बात कि यदि कोई ग्राहक लगातार योगदान करने में विफल रहता है, तो वह सरकार द्वारा तय किए गए चार्ज, यदि लागू हो, के साथ बकाया राशि का भुगतान करके योजना और योगदान को फिर से रेगुलर कराया जा सकता है।
More From GoodReturns

रुपया ₹95 के पार: क्या अब विदेश यात्रा और पढ़ाई होगी महंगी? जानें निवेश के सही तरीके

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: क्रूड ऑयल के डर के बीच SIP और निवेश का सही फॉर्मूला

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

डॉलर के मुकाबले रुपया 94.6 के पार: आपकी बचत और विदेश यात्रा पर क्या होगा असर?

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

स्पैम कॉल्स और 'डिजिटल अरेस्ट' का खतरा: TRAI और CERT-In की नई चेतावनी, तुरंत करें ये काम

HSBC क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी: 15 सितंबर तक फॉरेक्स फीस माफ, ऐसे बचाएं हजारों रुपये

इंदौर में फर्जी सिम का बड़ा खेल: अचानक गायब हो जाए फोन का नेटवर्क तो तुरंत करें ये काम, वरना खाली हो जाएगा बैंक

गिरता रुपया और महंगा क्रूड: निवेश के लिए FD, गोल्ड या डेट फंड में से क्या है बेस्ट?

जन्माष्टमी पर बैंक बंद: क्या आज कटेगी आपकी EMI और क्रेडिट कार्ड का पैसा?

सितंबर में MCLR में बढ़ोतरी: क्या आपकी EMI बढ़ेगी? जानें बचने का आसान तरीका



Click it and Unblock the Notifications
