PM Care for Children Scheme: प्रधानमंत्री केयर्स चिल्ड्रन स्कीम की शुरुआत 2021 में हुई थी. इस स्कीम के तहत बच्चों की शिक्षा से लेकर हेल्थ तक सब कवर होता है. बच्चे का 23 साल होने तक उसे वित्तीय सहायता मिलती है. चलिए पीएम केयर्स चिल्ड्रन स्कीम के बारे में और जानते हैं.

पीएम केयर्स चिल्ड्रन स्कीम के तहत सरकार कई तरह से सहायता करती है. इस स्कीम में शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता तो मिलती ही है. इसके साथ ही बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए उसका आयुष्मान कार्ड भी बनाया जाता है.
किन बच्चों को मिलती है मदद?
केंद्र सरकार ने 29 मई 2021 को पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन स्कीम (PM Care for Children Scheme) की शुरुआत की थी. पीएम चिल्ड्रन स्कीम के तहत उन बच्चों को फायदा मिलता है, जिनके माता-पिता की मौत कोविड-19 में हुई हो.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना का लाभ उन ही बच्चों को मिलेगा. जिनके माता-पिता की मौत 11 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2022 को हुई हो. सरल शब्दों में कहे तो जिन भी बच्चों के माता-पिता या वैध अभिभावकों की मृत्यु 11 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2022 में हुई हो.
इस स्कीम के तहत सरकार बच्चे का सभी खर्च उठाती है. पीएम चिल्ड्रन स्कीम के तहत बच्चे का स्वास्थ्य बीमा और शिक्षा और देखभाल के लिए खर्च दिया जाता है. सरकार ये खर्चा बच्चे का 23 साल होने तक उठाती रहती है. इसके अलावा आप स्कीम के बारे में pmcaresforchildren.in से पता कर सकते हैं.
स्कीम के तहत क्या मिलते हैं फायदें?
6 साल तक के बच्चों के लिए क्या है फायदें?
पीएम चिल्ड्रन स्कीम के तहत अगर बच्चा 6 साल या उसे छोटा है, तो सरकार उसे पालन-पोषण, उसके प्री स्कूल का खर्चा, स्वास्थ्य का खर्चा, आंगनबाड़ी सेवा और टीकाकरण सब देती है.
10 साल बच्चों को क्या मिलता है फायदा?
अगर बच्चे की उम्र 10 साल या उसे कम है, तो इस स्कीम के तहत उसे किसी पास नजदीकी स्कूमल में दाखिला दिया जाएगा. यह स्कूल सरकारी, प्राइवेट या केवी भी हो सकते हैं. वहीं इस योजना के तहत बच्चें को दो मुफ्त यूनिफॉम और किताबे मुफ्त दी जाएगी.
वहीं अगर बच्चा किसी प्राइवेट स्कूल में पड़ता है, तो उसे आरटीई अधिनियम की धारा 12(1) के तहत फीस के खर्चें में छूट मिलेगी. वहीं पीएम केयर चिल्ड्रन योजना के तहत बच्चे को यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तक और नोटबुक का खर्चा तक दिया जाएगा.
18 साल तक बच्चों को क्या फायदा मिलेगा?
अगर बच्चे की उम्र 11 से 18 साल है और वे किसी बड़े परिवार में रहता है, तो उसे डीएम के तहत नज़दीकी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में दाखिला मिल सकता है. वहीं स्कूल की छुट्टी पड़ने पर उस बच्चे के रहने का इंतजाम किसी अलग स्थान में किया जाएगा.
वहीं इस स्कीम के तहत बच्चे को स्कॉलरशिप दी जाएगी. यह सकॉलरशिप योजना के नियमों के आधार पर होगी. इस सकॉलरशिप के बारे में पीएण चिल्ड्रन पोर्टल पर भी अपडेट किया जाएगा.
इस स्कीम का उद्देश्य है कि जिन्होंने भी महामारी में अपने माता-पिता खोए है, उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत ना हो. इसके अलावा उनकी देखभाल सही तरीके से हो.


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