Platinum vs Silver: जब कीमती धातुओं की बात आती है, तो प्लैटिनम और चांदी को अक्सर एक ही श्रेणी में रखा जाता है। खासकर तब, जब आप गहने खरीदने का सोच रहे है। लेकिन अगर आप सिर्फ उनकी चमक से आगे बढ़कर देखें, तो असल में वे एक-दूसरे से काफी अलग हैं। इस लिहाज से कि उन्हें पहनना कैसा लगता है, समय के साथ वे कैसे बदलते हैं, और वे आपके स्टाइल के बारे में क्या कहते हैं। अगर आप कभी किसी काउंटर पर खड़े होकर यह सोच में पड़े हैं कि एक शानदार प्लैटिनम की अंगूठी चुनें या फिर एक क्लासिक चांदी की, तो यकीनन आप अकेले नहीं हैं। लेकिन सवाल है कि प्लैटिनम और चांदी में क्या फर्क है?

प्लैटिनम और चांदी में क्या फर्क है?
प्लैटिनम और चांदी के बीच सबसे बड़ा अंतर उनके सोर्स से ही शुरू होता है यानी उन्हें ढूंढना कितना आसान या मुश्किल है। प्लैटिनम बहुत दुर्लभ मेटल है। मतलब, सोने से भी कहीं ज्यादा दुर्लभ, और चांदी से तो निश्चित रूप से ज्यादा दुर्लभ। सिर्फ इसी वजह से यह ज्यादा महंगा हो जाता है। प्लैटियम को खदान से निकालना और प्रोसेस करना ज्यादा मुश्किल होता है। इसलिए प्लैटिनम को 'प्रीमियम' श्रेणी में रखा जाता है।
इसकी तुलना में, चांदी मिलना कहीं ज्यादा आसान है। इसका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। सिक्कों में, बर्तनों में, गहनों में आप जिस चीज का भी नाम लें, उसमें चांदी मौजूद होता है। बेशक, आज भी इसकी अपनी अहमियत है, लेकिन यह कहीं ज्यादा आसानी से मौजूद है। यही वजह है कि चांदी के गहने खरीदने पर आपकी जेब पर उतना भारी बोझ नहीं पड़ता। तो अगर आप लंबी अवधि के मूल्य या फिर दोबारा बेचने की संभावना के बारे में सोच रहे हैं, तो जाहिर है कि प्लैटिनम ही ज्यादा बेहतर विकल्प है।
प्लैटिनम और चांदी को कैसे पहचाने?
पहली नजर में, प्लैटिनम और चांदी काफी एक जैसे लग सकते हैं। दोनों में ही एक ठंडी, सफेद धातु वाली चमक होती है। लेकिन जब दोनों को साथ-साथ देखा जाता है, तो उनका फर्क साफ नजर आता है। प्लैटिनम का रंग थोड़ा नरम और हल्का-सा भूरापन लिए होता है। यह दिखावा नहीं करता और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। यह बहुत ही सलीकेदार लगता है, ठीक उस इंसान की तरह जो बिना किसी तड़क-भड़क के भी बेहद अच्छे कपड़े पहने हुए होता है।
चांदी ज्यादा चमकदार होती है। ज्यादा चमकीली होती है। यह रोशनी को ज्यादा सोखती है और तुरंत ही सबसे अलग नज़र आती है। लेकिन इसमें एक पेंच भी है। समय के साथ, अगर आप इसे लगातार पॉलिश न करते रहें, तो इसकी चमक फीकी पड़ सकती है और यह अपनी नई जैसी ताजगी खो सकती है।
तो, बात असल में आपकी अपनी पसंद पर आकर टिकती है। अगर आपको शांत, सादगी भरी नफासत पसंद है, तो प्लैटिनम आपके लिए ही बना है। और अगर आपको थोड़ी-सी चमक-दमक और रौशनी पसंद है, तो चांदी इस काम को बेहद खूबसूरती से करती है।
More From GoodReturns

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

शेयर बाजार का नया नियम: 3:15 बजे के बाद कैसे करें ट्रेड? CAS सेशन में मुनाफे का सही तरीका

TRAI का नया फरमान: अब रिचार्ज प्लान्स में नहीं छिपेगी कोई जानकारी, Jio-Airtel को देना होगा पूरा ब्यौरा

EPFO ब्याज क्रेडिट: पासबुक में पैसा नहीं दिख रहा? घबराएं नहीं, तुरंत चेक करें ये जरूरी अपडेट

बाजार में उथल-पुथल: 0-90 दिन से 3 साल तक निवेश का सही गणित क्या है?

Airtel Unlimited 5G का सच: 300GB की लिमिट और हॉटस्पॉट का क्या है पंगा? रिचार्ज से पहले ये जरूर देखें

NSE का नया CAS सिस्टम: आज से बदल गया क्लोजिंग का तरीका, ट्रेडर्स के लिए जरूरी गाइड



Click it and Unblock the Notifications