नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) का पैसे बहुत मायने रखता है। यह सिर्फ उनकी बचत ही नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के लिए मिलने वाली एक पूंजी होती है। ईपीएफओ को भविष्य के लिए सेविंग का अच्छा सोर्स माना जाता है।
नई दिल्ली, मार्च 16। नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) का पैसे बहुत मायने रखता है। यह सिर्फ उनकी बचत ही नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के लिए मिलने वाली एक पूंजी होती है। ईपीएफओ को भविष्य के लिए सेविंग का अच्छा सोर्स माना जाता है। देश में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन सभी कर्मचारियों को पीएफ की सुविधा प्रदान करता है। इसके लिए, कर्मचारी के वेतन में से एक छोटा सा हिस्सा पीएफ एकाउंट में जमा करने के लिए काटा जाता है।

हालांकि, पीएफ खाते से जुड़े कई अन्य फायदे भी हैं, जो पीएफ खाताधारकों को मिलते हैं। ईपीएफ से जुड़ी कई फायदे जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती है हम आपको बता रहे हैं। केंद्रीय न्यासी बोर्ड हर साल के लिए ब्याज दर तय करता है। पिछले कुछ समय में ब्याज दर लगातार घटी है। फिर भी नौकरीपेशा के लिए यह निवेश का अच्छा ऑप्शन है। फिलहाल, पीएफ पर ब्याज दर 8.50 प्रतिशत है। हर खाताधारक के वेतन से 12 प्रतिशत पीएफ काटा जाता है। Business Idea : कबाड़ का कारोबार, ये तो कमा रहा है लाखों रुपये महीना
फ्री इंश्योरेंस की मिलती है सुविधा
आपके पीएफ खाते पर बाय डिफॉल्ट बीमा मिलता है। ईडीएलआई (एंप्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस) योजना के तहत पीएफ खाते पर 6 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस मिलता है। इस योजना के तहत खाताधारक को एक लमसम पेमेंट मिलता है। इसका फायदा किसी बीमारी या एक्सीडेंट और मृत्यु के वक्त लिया जा सकता है।
ट्रांसफर होगा पीएफ अकाउंट
नौकरी बदलने पर पीएफ का पैसा ट्रांसफर करना अब पहले के मुकाबले आसान है। आधार से लिंक आपके यूनीक नंबर के जरिए आप एक से अधिक पीएफ खातों को एक जगह रख सकते हैं। नई नौकरी ज्वॉइन करने पर ईपीएफ के पैसे को क्लेम करने के लिए फॉर्म-13 भरने की जरूरत नहीं होगी। ईपीएफओ ने पिछले दिनों नया फॉर्म-11 जारी किया है। इससे आपका पिछला खाता नए खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
रिटायरमेंट के बाद पेंशन
पीएफ अकाउंट में 10 साल तक रेगुलर पेंशन जमा होने की स्थिति में खाते पर एंप्लॉई पेंशन स्कीम का फायदा मिलता है। यदि कोई खाताधारक 10 साल नौकरी में रहता है और उसके खाते में लगातार राशि जमा होती रहती है तो एंप्लॉई पेंशन स्कीम 1995 के तहत उसे रिटायरमेंट के बाद न्यूनतम एक हजार रुपए पेंशन मिलती है। हालांकि अब पेंशन फंड को बढ़ाने पर बात चल रही है।
खाते पर मिलता है ब्याज
ईपीएफओ ने कुछ साल पहले ही निष्क्रिय खातों पर ब्याज देने का फैसला किया है, पहले ऐसा नहीं था। तीन साल तक जिन खातों में कोई ट्रांजैक्शन न हुआ हो उन्हें निष्क्रिय खाते की कैटेगरी में डाल दिया जाता है। जानकारों का कहना है नौकरी बदलते ही अपना पीएफ अकाउंट ट्रांसफर करा लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर पांच साल से अधिक समय तक खाता निष्क्रिय रहने की स्थिति में विथड्रॉल (निकासी) के वक्त इस पर टैक्स चुकाना होगा।
पैसे निकासी की सुविधा
पीएफ खाते में जमा रकम संकट के समय बड़ा काम आता है। पीएफ कानून के तहत जरूरत पड़ने पर कर्मचारी एक निश्चित रकम ही निकाल सकते हैं। पीएफ कानून के तहत मकान खरीदने या बनाने के लिए, मकान के लोन रीपेमेंट के लिए, बीमारी में, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए, लड़की की शादी के लिए पैसे की निकासी की जा सकती है। हालांकि, इन फायदों का लाभ उठाने के लिए खाताधारकों को एक निश्चित समय तक ईपीएफओ का सदस्य होना जरूरी है।


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