नयी दिल्ली। देश में नौकरी करने वाले लोगों को पीएफ (प्रोविडेंट फंड) में पैसा जमा करने की सुविधा मिलती है। पीएफ में योगदान अनिवार्य है, जो कि लोगों की सैलेरी से काट कर जमा कराया जाता है। हर महीने आपके पीएफ अकाउंट में थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा होता रहता है और रिटायरमेंट के समय तक एक बड़ी रकम तैयार हो जाती है। इस पैसे की देख-रेख ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) करता है। बता दें कि इस जमा पैसे पर ब्याज भी मिलता रहता है। ईपीएफओ ब्याज देने के लिए आपके जमा पैसे को कई जगह निवेश करता है। पीएफ का पैसा आप रिटायरमेंट से पहले निकाल सकते हैं। मगर ये पैसा बेहद सख्त जरूरत के समय ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ये एक तरह का निवेश है, जिस पर आपको ब्याज मिलता है। पर पीएफ अकाउंट 5 बड़े मुख्य फायदे हैं, जिन्हें कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता।
ऊंची ब्याज दर
जैसा कि ऊपर बताया गया है कि आपका जो पैसा पीएफ खाते में जमा होता है उस पर आपको ब्याज दर मिलती है। मगर ये ब्याज दर काफी अधिक होती है। इस समय पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं और एफडी की ब्याज दर के मुकाबले पीएफ खाते पर काफी ऊंची ब्याज दर है। पीएफ खाते पर चालू वित्त वर्ष के लिए 8.5 फीसदी ब्याज दर देने का ऐलान किया गया है। ईपीएफओ की तरफ से हर वित्त वर्ष के लिए समीक्षा के बाद ब्याज दर का ऐलान किया जाता है।
टैक्स बेनेफिट
पीएफ अकाउंट पर आयकर अधिनियम की धारा 80 (सी) के तहत टैक्स कटौती का फायदा दिया जाता है। इस स्कीम का एक बड़ा फायदा ये भी है कि पेंशन योजना, 1995 (ईपीएस) के तहत आपको जिंदगी भर पेंशन मिलती है।
निकाल सकते हैं पैसा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जरूरत के समय आपको पीएफ खाते से पैसा निकालने की सुविधा मिलती है। आप किसी जरूरत के समय पीएफ खाते से आंशिक राशि निकाल सकते हैं। अच्छी बात ये है कि सरकार ने कोरोनोवायरस महामारी के मद्देनजर पीएफ खाताधारकों को अकाउंट में से पैसा निकालने की खास सुविधा दी है।
6 लाख रु का फ्री इंश्योरेंस
ईपीएफओ के ईडीएलआई नियमों के तहत ईपीएफ खाताधारक को जीवन बीमा कवर मिलता है। ईपीएफ खाताधारक को इसके लिए किसी प्रीमियम का भी भुगतान नहीं करना होता। इस लाइफ कवर में कर्मचारी अपने मूल मासिक वेतन का 6 लाख रु या 20 गुना तक (जो भी कम हो) हासिल कर सकता है। लंबी बीमारी, आकस्मिक मृत्यु या सामान्य मृत्यु के मामले में भी प्रोविडेंट फंड खाताधारक का नॉमिनी लाइफ कवर के लिए क्लेम कर सकता है।
इतने पैसे होते हैं जमा
बता दें कि पीएफ खाते में कंपनी और कर्मचारी (आपको) दोनों को आपकी बेसिक सैलेरी के 12-12 फीसदी जमा करने होते हैं। यानी आपकी बेसिक सैलेरी से 12 फीसदी राशि कटती है और कंपनी भी उतना ही पैसा मिला कर पीएफ खाते में जमा कर देती है। नियमों के तहत हर कोई पीएफ खाता नहीं खोल सकता है। केवल रजिस्टर्ड कंपनी के कर्मचारियों की पीएफ खाता खुल सकता है और वो उसमें पैसा जमा कर सकते हैं।


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