Personal Loan Vs Credit Card EMI: कभी-कभी अचानक ऐसे हालात बन जाते हैं जब पैसों की जरूरत तुरंत पड़ जाती है। चाहे मेडिकल खर्च हो, किसी शादी का बजट या कोई बड़ा बिल ऐसे में लोग अक्सर दो विकल्पों पर विचार करते हैं, पर्सनल लोन लेना या क्रेडिट कार्ड EMI में खर्च को बदलना। दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं, लेकिन सही चुनाव आपकी जरूरत और वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है।

ब्याज दर में बड़ा फर्क
सबसे पहले बात ब्याज दर की करें तो पर्सनल लोन की ब्याज दर आम तौर पर 10% से 18% प्रतिवर्ष होती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 1 लाख रुपए 12% ब्याज दर पर दो साल के लिए लेता है, तो उसकी EMI लगभग 4700 रुपए और कुल ब्याज करीब 12800 रुपए तक होता है।
वहीं क्रेडिट कार्ड EMI में ब्याज दर 18% से 24% या उससे अधिक तक होती है। अगर आप यही राशि क्रेडिट कार्ड पर EMI में बदलते हैं, तो हर महीने करीब 5000 रुपए की EMI और कुल ब्याज 20000 रुपए से ज्यादा चुकाना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि ब्याज दर के मामले में पर्सनल लोन अधिक किफायती साबित होता है।
लोन राशि और अवधि में फर्क
पर्सनल लोन उन लोगों के लिए बेहतर है जिन्हें बड़ी रकम चाहिए और लंबे समय तक EMI चुकानी है। इसकी अवधि आमतौर पर 6 महीने से लेकर 8 साल तक होती है। इस वजह से EMI कम रहती है और भुगतान आराम से हो सकता है।
वहीं क्रेडिट कार्ड EMI छोटी रकम के खर्चों के लिए होती है जैसे मोबाइल, लैपटॉप या यात्रा खर्च। इसका समय सीमित होता है, आम तौर पर 3 से 24 महीने तक। हालांकि, कई बैंक शुरुआती महीनों के लिए कम ब्याज वाली स्कीम भी देते हैं।
कब कौन-सा विकल्प सही रहेगा?
अगर आपकी जरूरत बड़ी राशि और लंबी अवधि की है, तो पर्सनल लोन लेना समझदारी है। इससे EMI तय रहती है और ब्याज भी कम पड़ता है।
वहीं अगर आपको कम राशि की जरूरत है और आप जल्द भुगतान कर सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड EMI सुविधाजनक है। ध्यान रखें कि लेट फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या हिडन कॉस्ट आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं।
दोनों विकल्प अपनी जगह सही हैं, लेकिन चुनाव करने से पहले ब्याज दर, कुल लागत, प्रोसेसिंग फीस और भुगतान अवधि का पूरा विश्लेषण करें। अगर आप स्थिर और कम ब्याज वाले विकल्प की तलाश में हैं तो पर्सनल लोन बेहतर रहेगा। वहीं, छोटे खर्चों और जल्दी चुकाने की क्षमता हो तो क्रेडिट कार्ड EMI भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।


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